लक्खी मेला: इस बार पशुओं पर नहीं लगेगी बाजी, दौड़ पर प्रतिबंध
गढ़मुक्तेश्वर। लक्खी मेले में इस बार पशु दौड़ नहीं होगी। पशुओं के साथ क्रूरता रोकने के लिए आईजी ने इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। एएसपी ने दौड़ का आयोजन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
गढ़ खादर के पौराणिक कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले को देहाती मेले के रूप में ख्याति हासिल है, क्योंकि यहां आने वाले 90 फीसदी से अधिक लोगों का वास्ता खेत-खलिहान और ग्रामीण अंचल से जुड़ा होता है। बैल गाड़ियों का प्रचलन बंद होने से अधिकांश लोगों का आगमन अब भैंसा-बुग्गी, कार, बस और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों जैसे वाहनों से होने लगा है। इसके बाद भी सदियों से चली आ रही पशु दौड़ जारी है। लोगों के बीच एक-दूसरे से पहले भैंसा-बुग्गी मेला स्थल पर पहुंचाने को लेकर हजारों-लाखों की शर्त लगाने का खेल इस दौर में भी चल रहा है। दौड़ में शामिल होने वाले पशुपालक अपने भैंसों को कई माह पहले से ही तैयार करने में जुट जाते हैं। इसके लिए उन्हें घी-तेल पिलाने के साथ ही चने समेत विभिन्न पौष्टिक आहार खिलाए जाते हैं। दौड़ शुरू होने पर पशु पालक अपने भैंसों पर बेतहाशा जुल्म ज्यादती करते हैं। इसके चलते पिछले साल भी करीब एक दर्जन से अधिक पशुओं ने दम तोड़ दिया था। वहीं सड़कों पर बिना किसी तैयारी के भैंसा दौड़ होने के कारण कई बार राहगीर भी जख्मी हो जाते हैं।
कोट
आईजी मेरठ ने मेले में आने के दौरान दौड़ के नाम पर पशुओं के साथ क्रूरता होने की घटना को बेहद संगीन माना है। मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों को पशुओं की दौड़ रोकने के निर्देश दिए जाएंगे। जो लोग दौड़ के नाम पर हजारों-लाखों की शर्त लगाकर पशुओं के साथ क्रूरता करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राम मोहन सिंह, एएसपी
पशु मेले में अव्यवस्थाओं से राहत दिलाने को डीएम को दिया ज्ञापन
हापुड़। प्रजापति समाज कल्याण युवा समिति के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर गढ़ गंगा पशु मेले में होने वाली विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की गुहार लगाई है। पदाधिकारियों ने बताया कि गढ़ मेले में लाखों की संख्या में पशुओं का क्रय विक्रय होता है, लेकिन मेले में न तो कोई कुशल चिकित्सक मौजूद है और न ही उपचार के लिए पशुओं को दवा मिल पाती हैं। मेले में रोशनी का प्रबंध न होने के कारण पशुओं के क्रय विक्रय में परेशानी आती है। पशु मेले में सड़कों के नाम पर खानापूरी की जा रही है। धूल उड़ने से लोगों को समस्या होती है। मेले में पशुओं के लिए पानी पीने का भी कोई विशेष प्रबंध नहीं है। पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर इन समस्याओं के निस्तारण की गुहार लगाई। पत्र सौंपने वालों में श्रीराम प्रजापति, अतर सिंह प्रजापति, भगवान सिंह, कंछिद प्रजापति, मुकेश प्रजापति, नरेश कुमार, लालवीर प्रजापति, प्रमोद प्रजापति, देवेंद्र प्रजापति, दिनेश प्रजापति, विष्णु प्रजापति रहे। ब्यूरो