ई-फार्मेसी के विरोध में उतरे दवा विक्रेता, भटके मरीज
हापुड़/गढ़। ई-फार्मेसी, केमिस्ट विरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को हापुड़ का दवा कारोबार पूरी तरह बंद रहा। दवा विक्रेताओं ने मांगों के निस्तारण के लिए शहर में जुलूस निकाला। बंदी से करीब दो करोड़ रुपये का दवा कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, दवाओं के लिए मरीज पूरे दिन इधर उधर भटकते रहे।
अखिल भारतीय संस्था के आह्वान पर प्रादेशिक संस्था केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन के समर्थन में शुक्रवार को हापुड़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी रेलवे रोड स्थित तुलाराम की धर्मशाला पर एकत्रित हुए। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की केमिस्ट व जन विरोधी नीतियों से दवा कारोबारी काफी परेशान हैं। सरकार द्वारा ई-फार्मेसी लागू की जा रही है। इसके लिए समयावधि निर्धारित कर दी गई है। इस समयावधि में सभी दुकानों को ई-व्यवस्था से जोड़ना संभव नहीं है। एसोसिएशन के महासचिव विकास गर्ग ने बताया कि ई-फार्मेसी से दुकानों को जोड़ने के लिए निर्धारित समय में बढ़ोत्तरी की जानी चाहिए, क्योंकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए जो साइट बनाई गई है, वह पूरी तरह से कार्य नहीं कर रही है। इसके चलते रजिस्ट्रेशन में काफी परेशानी हो रही है। केमिस्टों ने बताया कि सरकार द्वारा 200 से अधिक सॉल्ट की दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है। मेडिकल स्टोर में अधिकांश दवाएं इन्हीं सॉल्ट से जुड़ी हैं। ऐसे में दवा विक्रेताओं को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
सरकार की नीतियों के विरोध में केमिस्टों ने रेलवे रोड होते हुए पुरानी कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। इस दौरान उन्होंने मांगों के निस्तारण के लिए जोरदार नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि बंद से करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। एसोसिएशन के लोगों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर जल्द राहत की मांग उठाई। इस दौरान साधु सिंह, सीएल शर्मा, संजय जैन, संजय अग्रवाल, इकबाल सिंह, पंकज शर्मा, सचिन, अमित शर्मा, विकास त्यागी, प्रवीन अग्रवाल मौजूद रहे।
गढ़मुक्तेश्वर में भी ब्रजघाट, बहादुरगढ़, सिंभावली समेत समूचे क्षेत्र के मेडिकल स्टोर बंद रहे। हाजी वकील अहमद सिद्दीकी, गुड्डू अखलाख, अरकान चौधरी, मतलूब गौड़, जावेद चौहान ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ फेडरेशन के आह्वान पर हड़ताल रखी गई। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी के जरिए दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ जाएगा, लेकिन सरकार इसके लिए कोई कड़ा कदम नहीं उठा रही है। वहीं ऑनलाइन दवा कारोबार से लाइसेंसी दवा विक्रेताओं को घाटा झेलने के लिए भी मजबूर होना पड़ेगा। हड़ताल में डीपी यादव, कपिल यादव, खालिद, वसीम अहमद, रवि चौहान, डॉ. चेतन्य, वसीम, निजाम समेत दर्जनों मेडिकल स्टोर संचालक शामिल रहे।
दवाओं के लिए भटकते रहे मरीज
हापुड़/गढ़। दवा विक्रेताओं की हड़ताल के चलते शुक्रवार को दिनभर मरीज दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते रहे। शुगर और ब्लडप्रेशर जैसे रोगों से पीड़ित लोगों ने तो पहले ही दवा के इंतजाम कर लिए थे, लेकिन आकस्मिक बीमार पड़े लोगों को बंदी के कारण काफी परेशान होना पड़ा। वहीं जानकारी के अभाव में देहात अंचल के लोगों को भी भटकना पड़ा।
बुखार, सर्दी-जुकाम और चोट आदि की दवाओं के लिए बड़ी संख्या में लोग शहर में भटकते दिखे। जवाहरगंज मार्केट, रेलवे रोड, गढ़ रोड, स्वर्ग आश्रम रोड, फ्रीगंज रोड, बुलंदशहर रोड और मेरठ पर कई ऐसे लोग मिले जिन्हें बंद की जानकारी नहीं थी। ऐसे में वह दवा के लिए परेशान रहे। वहीं गढ़ में कई स्थानों पर मरीज मेडिकल स्टोर के बाहर खड़े होकर घंटों दुकान खुलने का इंतजार करते रहे।
जवाहर गंज निवासी गजेंद्र ने बताया कि उन्हें दवा की काफी आवश्यकता थी, लेकिन केमिस्ट की हड़ताल के चलते दिनभर वह दवाओं के लिए भटकते रहे। देर शाम तक भी दवा नहीं मिल सकी। --फोटो संख्या--14
नई आबादी निवासी जितेंद्र ने बताया कि घर के कुछ सदस्य बुखार से पीड़ित हैं। दवा लेने के लिए स्टोर पर पहुंचे तो स्टोर बंद मिले। ऐसे में परिजन दिनभर बुखार से बेहाल रहे। --फोटो संख्या--15
श्यामनगर निवासी सोनू ने बताया कि वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। वह खुद भी वायरल से पीड़ित है। दवा लेने गए थे, लेकिन मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल सकी। --फोटो संख्या--23
आर्यनगर निवासी मोहित ने बताया कि मेडिकल स्टोर बंद रहने से दवा नहीं मिल सकी। उन्हें काफी परेशानी थी, काफी प्रयास के बाद भी दवा न मिलने पर उन्होंने सरकारी अस्पताल से दवा ली। --फोटो संख्या--24
पीरबाउद्दीन निवासी फैज अहमद ने बताया कि बुखार के चलते वह काफी परेशान है। शुक्रवार को दवा लेने पहुंचे तो केमिस्ट की हड़ताल का पता चला। दवा न मिलने के कारण काफी परेशानी हुई। --फोटो संख्या--25
शिवपुरी निवासी रवि मोहन ने बताया कि केमिस्टों की हड़ताल के चलते दवा नहीं मिल सकी। जबकि दवा की काफी आवश्यकता थी। --फोटो संख्या-26
सरकारी अस्पतालों में उमड़े मरीज
बंदी के दौरान सरकारी अस्पताल खुले थे। ऐसे में दवा लेने के लिए वहां मरीजों की भीड़ लग गई। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी पर मरीजों का तांता लगा रहा। इनमें ज्यादातर मरीज सर्दी-बुखार से पीड़ित थे।