दिल्ली-ब्रजघाट के बीच जल्द दौड़ेंगी ईएमयू
हापुड़। दिल्ली-ब्रजघाट के बीच तीव्रगति से चलने वाली ईएमयू जल्द पटरी पर दौड़ने लगेंगी। इससे आम लोगों को सस्ती और सुलभ यात्रा की सुविधा मिलेगी। यही नहीं इससे मजबूरी में बसों में महंगा सफर करने से भी लोगों को किसी हद तक छुटकारा मिल सकेगा।
4 मार्च 2011 को तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री नितीश कुमार ने ब्रजघाट पर आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की थी कि जल्द ब्रजघाट और दिल्ली के बीच एक नई शटल चलाई जायेगी। नितीश कुमार के हटने के बाद रेलवे भी मंत्री की उक्त घोषणा को पूरी करना भूल गया।
उक्त घोषणा अमल नहीं होने का मुख्य कारण यह था कि तब तक इस रूट पर डबल ट्रैक नहीं बिछ सका था। दिल्ली-मुरादाबाद के बीच रेलवे का विद्युतीकरण का कार्य शुरू होकर अधर में लटक गया था। ऐसे में जनता को नई शटल का तोहफा नहीं मिल सका। अब दोनों कार्य पूरे हो चुके हैं। इस रूट पर 100 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है, लेकिन चंद ट्रेनों के स्टापेज होने के कारण यात्रियों को घंटों ट्रेन आने का इंतजार करना पड़ता है। इस रूट के हापुड़, पिलखुवा, सिंभावली, गढ़मुक्तेश्वर ब्रजघाट आदि स्टेशनों पर लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेन नहीं रुकतीं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मजबूरीवश यात्रियों को रोडवेज, प्राइवेट बसों और अन्य डग्गामार वाहनों मे धक्के खाते हुए दिल्ली गाजियाबाद आदि शहरों तक का सफर करना पड़ता है।
मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट से भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने इस मुद्दे पर कहा कि गाजियाबाद से हापुड़ तक मेट्रो ट्रेन का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। वैसे भी गाजियाबाद से हापुड़ तक सड़क मार्ग 6 लेन का जल्द तैयार हो जाएगा। उसके बाद ट्रैफिक का आवागमन काफी आसान होगा। उन्होंने कहा कि सस्ती और सुलभ यात्रा मुहैया कराने के लिए दिल्ली-ब्रजघाट के बाद जल्द ईएमयू सेवा शुरू कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि अब इस ट्रैक का दोहरीकरण और विद्युतीकरण हो जाने से ईएमयू चलना संभव हो गया है। इससे दूसरे राज्यों से ब्रजघाट आने वाले श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि एक मांग पत्र रेल मंत्री से मिलकर उन्हें सौंपेगे तथा जल्द ही नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी रेल मंत्री से उनके नेतृत्व में मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी रेलमंत्री से पहले भी बात हुई थी। उनका प्रयास है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले जनता की यह मांग पूरी हो जाए।