नए साल से कैशलेस होंगी ग्राम पंचायतें
-2018 से ग्राम विकास निधि पर होने वाले खर्च पूरी तरह से होगा कैशलेस
-कैशलेस ट्रांजक्शन से घपलों पर लगेगी लगाम
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। नए साल से सभी ग्राम पंचायतें पूरी तरह से कैशलेस हो जाएंगी। इसके लिए सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है। इसे एक जनवरी से लागू कर दिया जाएगा। नई कैशलेस व्यवस्था से जहां काम के तरीकों में बदलाव होगा, वहीं घपलों पर भी विराम लगेगा। कैशलेस व्यवस्था के तहत किसी भी काम के लिए पैसा पहले ग्राम पंचायत के खाते में आएगा। उसके बाद खाते से ही ठेकेदार या अन्य का भुगतान किया जाएगा।
पिछले दिनों जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों की बैठक लखनऊ में हुई। इसमें अधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि गांवों में विकास के लिए जारी होने वाली धनराशि का खर्च अब कैशलेस तरीके से ही होगा। किसी भी योजना के लिए निर्धारित बजट को सीधे खर्च करने पर पाबंदी होगी। सरकार की मंशा है कि वर्ष 2018 में गांवों में होने वाले हर विकास कार्य का भुगतान कैशलेस व्यवस्था से किया जाएगा। इसके तहत अब हर कार्ययोजना को प्लान प्लस साफ्टवेयर पर अपलोड करना होगा। उसके बाद एक्शन साफ्टवेयर पर कार्ययोजना के हर विकास कार्य की अलग से आईडी बनाई जाएगी। इसमें हर कार्य का पूरा ब्योरा होगा। इसके लिए जारी और भुगतान की गई धनराशि की भी पूरी जानकारी देनी होगी।
कम होगी घपले की आशंका
जिले में 273 ग्राम पंचायते हैं, जिनमें प्रति वर्ष करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए जाते हैं। अभी तक कैशलेस व्यवस्था न होने के कारण आधी से अधिक धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी, लेकिन कैशलेस व्यवस्था होने से पारदर्शिता आएगी। ऐसे में घपलों की आशंका कम होगी। विकास कार्यों के नाम पर होने वाली लूट पर लगाम लग सकेगी।
डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव का कहना है कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है। नए साल से गांव पंचायत निधि के अंतर्गत होने वाले प्रत्येक विकास का भुगतान कैशलेस तरीके से ही किया जाएगा। इसके लिए दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।