एक महीने लंबी हड़ताल के बाद बृहस्पतिवार को लेखपाल अपने काम पर लौट जरूर आए, लेकिन प्रमाण पत्र संबंधी लंबित कार्यों की बाट जोह रहे लोगों की समस्या का समाधान होना जल्दी संभव नहीं होगा।
पूरे जिले में विभिन्न प्रमाण पत्रों के लगभग 15 हजार आवेदन लंबित हैं।
हड़ताल खत्म होने के बाद लेखपाल कार्यालय जरूर पहुंच गए हैं, लेकिन आवेदनों के इस जखीरे को देखकर इनके पसीने छूट रहे हैं। 15 हजार आवेदनों का सामान्य तरीके से निस्तारण करना लेखपालों के लिए एक चुनौती है। समस्या यह है कि हर कोई व्यक्ति जल्दी प्रमाण पत्र पाने के लिए सिफारिश लगा रहा है।
इसके अलावा शासन द्वारा छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने की 30 सितंबर अंतिम तिथि है। ऐसे में ये छात्र आवेदन के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। जिससे इस तिथि से पहले पहले उनकी समस्या का समाधान हो सके।
छात्र सुभाष सैनी, अमित गर्ग ने बताया कि उन्हें छात्रवृत्ति के लिए प्रमाण पत्र जमा करने हैं। उन्हें आय प्रमाण पत्र के लिए पंद्रह दिन पहले आवेदन किया था लेकिन अभी तक यह सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है कि उन्हें प्रमाण पत्र कब मिलेगा।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजू का कहना है कि हड़ताल समाप्त होने के बाद लेखपाल सभी आवेदनों के निस्तारण में जुट गए हैं। थोड़ा समय जरूर लगेगा। लेकिन सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
तहसीलदार सुभाष सिंह का कहना है कि हड़ताल के कारण पिछले एक माह के आवेदन लंबित हैं। इनके निस्तारण में कुछ समय जरूर लगेगा। करीब 7 हजार आवेदन तो हापुड़ तहसील में लंबित हैं।