पालिका परिषद में सदस्य नामित न होने से भाजपाइयों में बेचैनी
गढ़मुक्तेश्वर। एक साल बीतने के बाद भी पालिका परिषद में सदस्य नामित न होने से भाजपाइयों में बेचैनी बढ़ रही है, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान गुटबाजी को रोकने के मकसद से पार्टी हाईकमान कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।
प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए अब एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पालिका परिषद, नगर निगम और नगर पंचायतों में सदस्य नामित होने को लेकर कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। जिससे सदस्य नामित होने की आस लगाकर बैठे भाजपाइयों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। गढ़ पालिका परिषद में सत्ता पक्ष से जुड़े पांच सदस्य नामित होने हैं, जिनके लिए कई महिलाओं समेत दावेदारों की तादाद सौ से भी अधिक होने से उनमें खींचतान का दौर भी चल रहा है। सदस्य नामित होने के लिए एढ़ी चोटी का जोर लगाते आ रहे भाजपाई अपने सियासी आकाओं के दरबार में हाजरी लगाते घूम रहे हैं, लेकिन फिलहाल उनकी यह मुराद बहुत जल्द पूरी होने की कोई संभावना नहीं है। वजह भाजपा से जुड़े कई नेताओं ने अपने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नगर निकायों में सदस्य नामित होने की प्रक्रिया को पार्टी हाईकमान ने पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाला हुआ है, जिससे कि नामित सदस्यों का मुद्दा लोकसभा चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं में गुटबाजी की कोई वजह न बन पाए।