तीन शावकों के साथ तेंदुआ आता देख उल्टे पांव भागे लोग
लाठी-डंडे लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने फसलें खंगालीं, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली
तेंदुए की दहशत से बुरी तरह सहमे किसानों ने पिंजरा लगवाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। फसल की सिंचाई के दौरान तीन शावकों के साथ आए तेंदुए को झपटता देख किसान उल्टे पांव भागे। सूचना मिलते ही लाठी-डंडे लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी देर तक फसल खंगाली, लेकिन तेंदुए का पता नहीं लग पाया।
गंगा खादर केे गांव अब्दुल्लापुर के किसान खानचंद और कृष्णपाल शनिवार दोपहर को धान की फसल में सिंचाई कर रहे थे। उसी के पास गन्ने की फसल से तीन शावकों के साथ निकला तेंदुआ नाली में आकर पानी पीने लगा। नजर पड़ते ही तेंदुआ गुर्राकर किसानों की ओर बढ़ने लगा। इस दौरान किसान शोर मचाते हुए उल्टे पांव गांव की ओर भागे। तेंदुए की खबर मिलते ही लोग लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े। जिन्होंने गन्ने की फसल को चारों ओर से घेर लिया और करीब दो घंटों तक खोजबीन की। इस दौरान तेंदुआ और उसके शावकों का कोई अता-पता नहीं लग पाया। पूर्व प्रधान बबलू, राजपाल, सुनील, महेश का कहना है कि खोजबीन के दौरान खेत की मिट्टी में तेंदुआ और उसके शावकों के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। कई बार सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई। तेंदुए के खौफ से सहमे ग्रामीणों ने धरपकड़ के लिए जंगल में पिंजरा लगवाए जाने की गुहार लगाई है।
वन रेंजर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि गांव अब्दुल्लापुर में दो दिनों तक विभागीय टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खोजबीन की थी, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग पाया। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर गांव के जंगल में पिंजरा भी लगवाया जाएगा।