नगर में दीवान पब्लिक स्कूल और कुष्ठ आश्रम के बीच करीब एक एकड़ के तालाब में भूमाफियाओं द्वारा भराव कराकर कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। जमीन आर्मी की बताई जा रही है और कभी सेना के जवान यहां पड़ाव डाला करते थे।
सर्किल रेट के मुताबिक जमीन की कीमत 14 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। प्रशासन ने पहले भी जमीन पर हो रहे भराव को रुकवाया था, मगर दोबारा तालाब का भराव कराया जा रहा है। पूरे मामले की जांच अब डीएम ने एसडीएम पुष्पराज को सौंपी है।
जानकारी के अनुसार मेरठ रोड पर दीवान इंटर कॉलेज के आसपास की जमीन पर किसी समय सेना के जवान पड़ाव डाला करते थे। मेरठ के एक प्रकाशक ने सर्वेंट चिल्ड्रन सोसायटी का गठन कर उक्त भूमि को सोसायटी के नाम करा ली।
भूमि का एक भाग करीब दो दशक पहले दीवान पब्लिक स्कूल की स्थापना के लिए बेच दिया गया। जबकि, दूर संचार केंद्र के पास की भूमि पर अभी भी सेना का कब्जा है। दीवान पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने आर्मी लैंड के जिस भाग पर तालाब था,
उसे छोड़कर स्कूल की चाहरदीवारी करा ली थी। हालांकि, आर्मी लैंड के एक तालाब की भूमि को तहसील प्रशासन और सोसायटी के लोगों ने पहले ही बेच दिया था। माना जा रहा है कि अब करीब एक एकड़ की जमीन पर भूमाफिया फिर से कोई खेल कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों से दीवान पब्लिक स्कूल और कुष्ठ आश्रम के बीच की एक एकड़ तालाब की भूमि पर रात के समय एनटीपीसी की राख से भराव चल रहा है। जिसके विरोध में प्रदर्शन भी हो चुके हैं। सपा नेता रामपाल जाटव ने तो मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर मामले की शिकायत की है।
रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों की मानें तो इलाके में जमीन का सर्किल रेट 40 हजार रुपये वर्ग मीटर है। इस तरह करीब 3500 वर्ग मीटर जमीन की कीमत 14 करोड़ बनती है।
सब रजिस्ट्रार रवि तिवारी ने बताया कि उक्त भूमि का बैनामा नहीं हुआ है। ऐसे में तालाब का भराव कैसे किया जा रहा है। एसडीएम मीनू राणा मौके पर गईं थीं और भराव रुकवा दिया। पता नहीं कैसे अगली रात से फिर से भराव शुरू हो गया।
वहीं, एसडीएम पुष्पराज ने बताया कि तलाब के भराव पर रोक लगा दी गई है। मामले की जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। इस संबंध में अनेक लोग शिकायत कर चुके हैं। मामले की जांच एसडीएम पुष्पराज को सौंपी है। कहीं कोई गड़बड़ी सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।