आंधी का कहर, घर की दीवार गिरी, सैकड़ों बिजली के खंभे टूटे
हापुड़। शुक्रवार रात चली तेज आंधी ने जिले में कहर बरपाया है। तेज अंधड़ से सैकड़ों बिजली के खंभे टूट गए जिससे रात भर ब्लैक आउट रहा। गढ़ क्षेत्र में एक घर के ऊपर पेड़ गिरने से दीवार गिर गई। इसके अलावा पिलखुवा के एक मोहल्ले में एक बच्चे के ऊपर टीन गिरने से उसकी मौत हो गई। आंधी से बड़े बिजलीघरों में फाल्ट के साथ ही सैकड़ों विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए, साथ ही सैकड़ों किलोमीटर तार टूटने से निगम को करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। देहात अंचल के अधिकांश बिजलीघर देर शाम तक भी चालू नहीं हो सके। वहीं, संविदा कर्मियों की हड़ताल से शहरी क्षेत्र में भी बिजली किल्लत बनी रही।
आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों के लिए आफत खड़ी कर दी है। जिले में करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने विद्युत पोलों को तोड़कर रख दिया। जंगल के बीच से गुजर रही लाइन पर पेड़ों के गिरने से सैकड़ों किलोमीटर तार टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा करीब तीन दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर नीचे गिर गए।
जिले को आपूर्ति देने के लिए बने 750केवी, 220केवी, 132केवी और 33केवी क्षमता के बिजलीघरों में जोरदार फाल्ट हो गए। बाबूगढ़ और मोदीनगर रोड बिजलीघर से सब स्टेशनों तक आ रही 33केवी क्षमता की विद्युत लाइन भी जगह-जगह टूट गई। आलम यह रहा कि रातभर समूचे जिले में ब्लैक आउट रहा।
उधर, शनिवार को मानदेय की मांग को लेकर बिजली निगम के संविदा कर्मियों की हड़ताल से हालात और बिगड़ गए। शहरी क्षेत्र की आपूर्ति दोपहर तक भी बहाल नहीं हो सकी। हालांकि एक्सईएन के आश्वासन पर संविदा कर्मियों के उठने के बाद शहरी क्षेत्र की आपूर्ति बहाल हो सकी।
बिजली नहीं होने से पानी किल्लत के चलते ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली लाइनों पर गिरे पेड़ के कारण आपूर्ति नहीं हो रही है।
अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि आंधी के कारण बहुत नुकसान हुआ है। क्षतिग्रस्त पोलों की बदली करा आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही प्रभावित इलाकों की आपूर्ति को बहाल करा दिया जाएगा।