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डग्गामार वाहनों पर कोई शिकंजा नहीं

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डग्गामार वाहनों पर कोई शिकंजा नहीं
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- सड़कों पर जाम के साथ ही अनहोनी की बन रहे वजह
- सरकारी राजस्व को खुलेआम चूना लगने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। सड़कों पर फर्राटा भरकर जाम के साथ ही हादसों की वजह बन रहे डग्गामार वाहनों की धरपकड़ न होने से सरकारी राजस्व को भी खूब चूना लग रहा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त हिदायत के बाद भी संभागीय परिवहन निगम समेत पुलिस-प्रशासन चेतने को तैयार नहीं है। इसके चलते डग्गामार वाहनों की धरपकड़ न होने से सड़कों पर जाम लगने के साथ ही अधिकांश हादसों की वजह भी डग्गामार वाहन ही रहते हैं। क्योंकि अधिक आमदनी के लालच में क्षमता से अधिक सवारी लादकर तेज और अनियंत्रित रफ्तार में फर्राटा भरना डग्गामार वाहन चालकों की आदत में शुमार है। इसके अलावा भी डग्गामार वाहनों के संचालन से सरकारी राजस्व को खूब चूना लग रहा है, क्योंकि जल्दबाजी के चक्कर में यात्री रोडवेज बसों की बजाए डग्गामार वाहनों में सवार होना समय की बचत मानते हैं। अकेले हाईवे पर ही सैकड़ों डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है, तो यात्रियों को चकमा देने के मकसद से गढ़ से होकर मेरठ आने-जाने वाली अधिकांश डग्गामार बसों को रोडवेज के रंग में पुुतवाकर उन पर उत्तम प्रदेश समेत यूपी परिवहन तक लिखवाया हुआ है। कुल मिलाकर सड़कों पर जाम के साथ ही अनहोनी की वजह बन रहे डग्गामार वाहनों पर शिकंजा न कसना संभागीय परिवहन विभाग के साथ ही पुलिस-प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर कर रहा है।
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एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और डीएसपी संतोष मिश्रा का कहना है कि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ ही सड़कों पर दौड़कर अनहोनी को दावत दे रहे डग्गामार वाहनों की धरपकड़ को संभागीय परिवहन विभाग और पुलिस के साथ मिलकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
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