भैंसा दौड़ में तीन भैंसों ने तोड़ा दम
- जीत की खुशी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, मेले में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। तमाम दावों के बावजूद मेले में एक बार फिर भैंसा दौड़ हुई। इसमें तीन भैंसों की जान चली गई। जीत की खुशी में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से मेले में हड़कंप मच गया। बाइक दौड़ के बाद भी फायरिंग की गई।
मेला शुरू होने से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दावा किया था कि इस बार मेले में पशु दौड़ नहीं होने दी जाएगी। बावजूद इसके लोगों के बीच एक-दूसरे से पहले भैंसा-बुग्गी मेला स्थल पर पहुंचाने को लेकर लाखों की शर्त लगाने का खेल इस दौर में भी बंद नहीं हो पा रहा है। जीतने के लिए लोग अपने भैंसों को कई माह पहले से तैयार करने में जुट जाते हैं। जिसके चलते उन्हें घी-तेल पिलाने के साथ ही चने समेत विभिन्न पौष्टिक आहार खिलाए जाते हैं। बाजी का खेल प्रारंभ होने पर दौड़ लगवाने वाले लोग अपने भैंसों पर बेतहाशा जुल्म ज्यादती कर रहे हैं, जिसके चलते जनपद मेरठ के मवाना और हापुड़ के पिलखुवा क्षेत्र की करीब एक दर्जन बुग्गियों में एक दूसरे से पहले गढ़ में पहुंचने की शर्त लगी हुई थी। जीत हार होने पर बृहस्पतिवार देर रात एक एक लाख की रकम से जुड़ी दोनों शर्तों का लेनदेन भी हो गया। जीत की खुशी में दर्जनों युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए जमकर जश्न मनाया, जिससे राहगीरों समेत आसपास में रहने वाले परिवार किसी अनहोनी की आशंका से सहम गए। जीतने वाले खुशी के माहौल में सराबोर थे, लेकिन बेतहाशा दौड़ लगाने से थकान में चूर हुए तीनों भैंसों की जान चली गई। गोली चलने की खबर मिलते ही रूट सेक्टर थानों से जुड़ी पुलिस हरकत में आ गई, लेकिन इससे पहले आरोपी मौके से भाग गए थे।
मामले में डीएसपी पवन कुमार ने गढ़ सर्किल के तीनों थानों समेत मेला ड्यूटी में आई पुलिस को कड़ी हिदायत दी है कि मवेशियों की दौड़ पर सख्ती के साथ रोक लगाई जाए। दौड़ कराने वाले लोगों को संपर्क रास्तों पर दबोचकर कड़ी कार्रवाई की जाए।