फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे परिषदीय विद्यालयों को मिलेंगे अपने नए भवन

विज्ञापन
विज्ञापन
प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे परिषदीय विद्यालयों को मिलेंगे अपने नए भवन
विज्ञापन

हापुड़। नगर क्षेत्र के प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे जर्जर परिषदीय विद्यालयों को जल्द ही अपने भवन मिल जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने जसरूपनगर में करीब 500 वर्ग मीटर व मोहल्ला श्रीनगर में 150 वर्गमीटर जमीन को चिह्नित कर लिया है। नगर शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को आख्या सौंप दी है। जल्द ही अनुमोदन के लिए डीएम को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
हापुड़ नगर क्षेत्र में छह प्राइमरी स्कूल किराए की बिल्डिंग में चल रहे हैं। इन भवनों की मरम्मत न होने के कारण छात्रों की जान पर खतरा बना हुआ है। बीते दिनों चमरी में एक विद्यालय का जर्जर भवन गिर गया था। गनीमत रही कि हादसा रात के समय हुआ, अन्यथा अनेक छात्रों की जान पर संकट बन सकता था।
विज्ञापन

बहरहाल शासन ने इस मामले पर कड़ा रुख जताया है। विभागीय अफसरों को विद्यालय निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश मिले थे। इसी क्रम में नगर शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने जसरूपनगर में 500 वर्गमीटर जमीन चिह्नित की है। साथ ही मोहल्ला श्रीनगर में भी 150 वर्ग मीटर जमीन मिल चुकी है। नगर शिक्षा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने जमीन संबंधी आख्या बीएसए को सौंप दी है। जल्द ही अनुमोदन के लिए प्रस्ताव डीएम को सौंपा जाएगा। इसके बाद तेजी से विद्यालयों के भवनों का निर्माण शुरू हो जाएगा।

नगर क्षेत्र में प्राइवेट बिल्डिंग में चलने वाले जर्जर स्कूल
विद्यालय छात्रों की संख्या
शास्त्री प्राइमरी पाठशाला 69
मालवीय प्राइमरी पाठशाला 87
मुखर्जी प्राइमरी पाठशाला 50
हमीद कन्या पाठशाला 109
आदर्श प्राइमरी पाठशाला 34
आजाद प्राइमरी पाठशाला 70

जर्जर विद्यालयों में मौसम के मिजाज को देखकर होती है पढ़ाई
नगर क्षेत्र में प्राइवेट बिल्डिंग में चल रहे जर्जर विद्यालयों में पढ़ाई मौसम के मिजाज को देखकर होती है। हल्की बरसात में ही छात्रों को घर भेज दिया जाता है। सामान्य दिनों में भी जर्जर भवन होने के चलते छात्रों को खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ता है।

जसरूपनगर में बन सकेंगे तीन विद्यालयों के भवन
जसरूपनगर में विद्यालयों के लिए करीब 500 वर्ग मीटर जमीन मिली है। यहां शिक्षा का अच्छा माहौल बनाया जा सकेगा, क्योंकि इतनी अधिक भूमि पर तीन विद्यालयों के भवन आसानी से बनाए जा सकेंगे। इसके बाद निजी भवनों की कोई आवश्यकता नहीं रहेगी।
विज्ञापन


जल्द डीएम को भेजा जाएगा प्रस्ताव
नगर शिक्षा अधिकारी ने जमीन संबंधी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। अब इस भूमि पर भवन बनाने के लिए डीएम से अनुमोदन लिया जाएगा, इसके लिए जल्द ही बीएसए डीएम को प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे।

कोट
जमीन का चयन किया गया है। जल्द ही निजी भवनों में चलने वाले विद्यालयों को सरकारी भवनों में स्थापित कराया जाएगा।
- देवेंद्र गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें