चीनी मिल में काम बंद, कार्रवाई पर अड़े कर्मचारी
हापुड़। ब्रजनाथपुर चीनी मिल में किसानों द्वारा कर्मचारियों से मारपीट के बाद काम बंद हो गया है। आरोपी किसानों पर जब तक कार्रवाई नहीं होती तब तक चीनी मिल के कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं है। पर्ची न मिलने और बाहरी जिलों का गन्ना खरीदने का आरोप लगाते हुए शनिवार को दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों ने मिल में हंगामे के बाद कर्मचारियों के साथ मारपीट की।
गांव ब्रजनाथपुर, हरसिंहपुर, फगौता, बड़ौदा सिहानी, भटियाना, नान, बझैड़ा, मिलक, सपनावत, डहाना, छज्जूपुर, चचोई, मतनावली, सिरोधन, सालेपुर कोटला, मोरपुर, हाफिजपुर सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान शनिवार को गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर ब्रजनाथपुर शुगर मिल पहुंचे। वहां पहले से ही ट्रकों की लंबी कतारें देखकर भड़क गए। इससे गुस्साए किसानों ने यहां कार्यालयों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। खिड़कियों के शीशे व कंप्यूटर तोड़ दिये।
किसानों का आरोप था कि मिल दूसरे जिलों के सेंटरों का गन्ना खरीद रहा है। जबकि क्षेत्रीय गांवों के किसानों को गन्ने का स्टाक बताकर उन्हें पर्चियां नहीं दी जा रही। मिल अधिकारियों की सूचना पर हाफिजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाकर मामला शांत कराया।
घंटों तक अफरा तफरी का माहौल
गन्ना किसानों के आक्रोशित होकर बवाल शुरू कर करने के कारण ब्रजनाथपुर चीनी मिल परिसर में शनिवार को दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। असुरक्षा के माहौल में मिल कर्मचारियों को इधर-उधर भागना पड़ा। सूचना मिलते ही हाफिजपुर थानाध्यक्ष रवि रतन पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझा कर मामला शांत कराया। फिलहाल मिल बंद है और मारपीट का शिकार कर्मचारियों ने आरोपी किसानों पर एफआईआर दर्ज न होने तक कार्य बहिष्कार कर दिया है। इसे देखते हुए मिल प्रबंधन ने हंगामा करने वाले किसानों के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष रवि रतन का कहना है कि उन्होंने मिल के प्रबंधक प्रशासन वीरेंद्र कुमार के तरफ से तहरीर मिल गई है। इस पर मामले की जांच की जा रही है।
किसानों की मिल प्रबंधन को चेतावनी
ब्रजनाथपुर चीनी मिल की पर्चियां नहीं मिलने से परेशान गन्ना किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे लोग भाकियू से सहयोग से इस बार अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
गन्ने का बेसिक कोटा बढ़ने से समस्या : तोमर
ब्रजनाथपुर शुगर मिल के केन मैनेजर राजीव तोमर ने बताया कि पिछले साल मिल को 35 लाख क्विंटल का बेसिक कोटा मिला था। जबकि इस बार यह बढ़कर 60 लाख हो गया है। फिलहाल कुछ कारणों से पर्चियां कम मिल रही हैं, लेकिन जल्द ही यह समस्या दूर हो जाएगी।
अभी मिल ढाई महीने और चलेगा, जिसका लाभ किसानों को मिलेगा।
सिंभावली शुगरमिल ग्रुप के महाप्रबंधक सुधीर कुमार का कहना है कि किसानों का बाहरी गन्ना लेने का आरोप निराधार है। बाहर से कोई गन्ना नहीं लिया जा रहा है। गन्ना आयुक्त ने कुछ बाहरी सेंटरों को सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल को गन्ना लेने के लिए आवंटित किया था। बस उन्हीं सेंटरों का गन्ना लिया जा रहा है। इस संबंध में थानाध्यक्ष की मौजूदगी में किसानों से बातचीत कर बताया गया कि यदि बाहरी गन्ना मिल में पाया गया तो मिल कोई जुर्माना देने को तैयार है।