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विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मियों ने कौसांबी डिपो में दिया धरना

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रोडवेज कर्मियों ने कौशांबी डिपो में दिया धरना
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- धरने पर जाने से 20 फीसदी बसों का संचालन हुआ प्रभावित
- जल्द राहत नहीं मिलने पर 21 फरवरी को लखनऊ कूच करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। विभिन्न समस्याओं का निस्तारण न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को हापुड़ डिपो समेत गाजियाबाद रीजन के 7 डिपो के 1200 कर्मचारियों ने कौशांबी डिपो में धरना प्रदर्शन किया। इससे सातों डिपो की 20 फीसदी बसों का संचालन प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने जल्द राहत नहीं मिलने पर 21 फरवरी को लखनऊ कूच करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में आरएम को पत्र सौंपा गया है।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा मंत्री राजकुमार ने बताया वह सरकार से सातवें वेतनमानों को 1 जनवरी 2016 से लागू कर एरियर सहित तत्काल भुगतान कराने, वर्षों से लंबित वेतन विसंगतियों का अविलंब निवारण कराने, सवर्गीय ढांचे का पुनर्गठन कराने, एसीपी की स्वीकृति एवं भुगतान पर लगाई रोक हटवाने, उत्कृष्ट श्रेणी के संविदा चालकों, परिचालकों की भांति शेष संविदा चालकों, परिचालकों को भी एक निश्चित धनराशि वेतन, पारिश्रमिक के रूप में भुगतान कराने, पूर्व समझौता अनुसार सभी नियमित कर्मचारियों को सेवानिवृत्त उपरांत चिकित्सा सुविधा प्रदान कराने, मृतक आश्रितों को नियुक्ति प्रदान कराने, प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गों की संख्या 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तथा निगम बसों का बेड़ा 9 हजार से बढ़ाकर कम से कम 15 हजार किया जाए। इन मांगों को लेकर वह कई बार शासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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विरोध में पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कौशांबी डिपो तक विशाल रैली निकालने के बाद कौशांबी डिपो में धरना प्रदर्शन किया। इससे रोडवेज बसों का 20 फीसदी संचालन प्रभावित रहा। यात्रियों को सफर में परेशानी का सामना करना पड़ा। रामकुमार गुप्ता ने बताया कि जल्द उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो वह 21 फरवरी को लखनऊ के लिए कूच करेंगे।
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हापुड़ डिपो से धरने में शामिल होने वालों में राजवीर सिंह, अशोक चौधरी, प्रकाश सिंह, सुरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, सतवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, देवेंद्र आदि कर्मचारी रहे।
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