फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ुले में शौच मुक्त के बाद कचरा मुक्त होंगे गांव

विज्ञापन
विज्ञापन
हर गांव के बाहर बनेंगे वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
विज्ञापन


- खुले में शौच मुक्त योजना के बाद गांव अब कचरे से मुक्त होंगे
- ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शासन ने शुरू की यह योजना
- जिले में गढ़ के पूठ गांव से होगी इसकी शुरूआत
- कचरे से बनेगा वर्मी कंपोस्ट, सार्वजनिक बायोगैस संयंत्र

हापुड़।
ओडीएफ की मुहिम की सफलता से उत्साहित शासन ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत अब गांवों को कचरा मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। इस योजना के तहत अब हर गांव में लिक्विड एंड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इसके बाद कचरे से वर्मी कंपोस्ट व बायोगैस तैयार की जाएंगी। जिले में इस योजना की शुरुआत वर्ष के अंत तक गंगा किनारे के पूठ गांव से होगी।
दरअसल खुले में शौच मुक्त अभियान अपने अंतिम चरण में है। इसलिए सरकार अब गांवों को कचरा मुक्त बनाने की पहल की है। सरकार ने जिला पंचायत राज विभाग के जरिए अब हर गांव में आबादी के हिसाब से लिक्विड एंड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई है। यह प्लांट ग्राम समाज की भूमि बनाया जाएगा। गांव हर घर से प्रतिदिन कूड़ा एकत्र किया जाएगा। इसके बाद कूड़े को उसकी केटेगरी के अनुसार निस्तारित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर कचरा बायोडिग्रेडिबिल (स्वत: निस्तारित होने वाला) होता है लेकिन पॉलीथिन के बढ़ते चलन से कुछ ठोस पदार्थों का निस्तारण नहीं हो पाता, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति भी लगातार बिगड़ती जा रही है।
विज्ञापन


कचरे से बनेगा खाद
लिक्विड एंड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के माध्यम से जहां गांवों को कचरे से मुक्ति मिलेगी। वहीं, निस्तारित कूड़े से कंपोस्ट पिट के माध्यम से वर्मी कंपोस्ट, सार्वजनिक व निजी बायोगैस संयत्र लगाकर उन्हें सस्ती दरों पर ग्रामीणों को बेचा जाएगा। इसके अलावा ठोस कचरे के रूप में मिले कबाड़ को बेचकर जिला पंचायत राज को आमदनी का जरिया मिल जाएगा।

गांव बीमारी से होंगे मुक्ति
कचरे के साथ-साथ इस योजना के तहत गांवों में रुके तरल अपशिष्ट पदार्थ का भी निस्तारण किया जाएगा। नालियों व काकपिट के माध्यम से गांवों में भरने वाले पानी का भी निस्तारण किया जाएगा, जिससे गांवों में पनपने वाले मच्छर कम होंगे। ऐसे में मच्छर जनित व दूषित जल से होने वाली बीमारी से मुक्ति मिलेगी।
विज्ञापन


लिक्विड एंड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए आवंटित धनराशि का प्रावधान
गांवों में आबादी के हिसाब से प्लांट लगाए जाएंगे। उसी अनुसार इनके लिए धनराशि का आवंटन भी किया जाएगा।

गांव में परिवारों की संख्या धनराशि
150 परिवार तक - सात लाख
151 से 300 परिवारों तक - 12 लाख
301 से 500 परिवारों तक -15 लाख
500 से अधिक परिवारों तक -20 लाख

पूठ गांव से होगी योजना की शुरुआत
डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि योजना की शुरूआत इस वर्ष के अंत तक गंगा किनारे के गांव पूठ से होगी। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। सबसे पहले गंगा किनारे के गांवों को कचरा मुक्त किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें