तहसील क्षेत्र के वझीलपुर गांव में एएनएम की लापरवाही से 12 बच्चे पोलियो की दवा नहीं पी पाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात एएनएम अस्पताल में नहीं बल्कि अन्य स्थान पर बैठती हैं।
इसके विरोध में बुधवार को राष्ट्रीय सैनिक संस्था के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय सैनिक संस्था के जिला संयोजक शिवराज त्यागी ने कहा कि गांव में सरकारी अस्पताल है, जो स्वास्थ्य कर्मियों की अनदेखी से बदहाल पड़ा है।
अस्पताल में तैनात एएनएम सरकारी बिल्डिंग में न बैठकर, गांव में एक व्यक्ति के घर में बैठती हैं। जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्यागी ने कहा कि उक्त व्यक्ति के घर जाना अधिकांश ग्रामीण पसंद नहीं करते हैं।
यही कारण है कि बीते दिनों चले पोलियो अभियान में गांव के करीब एक दर्जन बच्चे दवा पीने से वंचित रह गए थे। मुकेश त्यागी ने कहा कि लाखों रुपये से बनी सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग बदहाल पड़ी हुई है। साफ सफाई के अभाव में इसमें जहरीले कीड़े पनप रहे हैं।
एएनएम की लापरवाही से ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर एएनएम पर कार्रवाई करने व दवा पीने से वंचित रह गए बच्चों को पोलिया ड्रॉप पिलाने की मांग की।
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों व बच्चों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सत्यवीर प्रधान, ज्ञानेंद्र त्यागी, कविता बाना, मुकेश त्यागी, अमर लाल त्यागी, कपिल त्यागी, रामोतार सैनी मौजूद रहे।