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पीएनबी के शेयर गिरने से हापुड़ के निवेशकों को करोड़ों की चपत

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पीएनबी के शेयर गिरने से हापुड़
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के निवेशकों को करोड़ों की चपत
हापुड़। पीएनबी में 114 अरब के घोटाले का खुलासा होने के बाद शेयर मार्केट में भूचाल आ गया है। इससे केवल हापुड़ शहर के निवेशकों का करोड़ों रुपये डूबने का अनुमान है। इस कारण निवेशक दिनभर दिल्ली मुंबई बात करते रहे तथा उनकी नजर टीवी चैनलों पर लगी रही।
दो दिन पहले तक बैंक के एक शेयर की कीमत करीब 165 रुपये थी, जो घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद अब महज 135 रुपये रह गई है। लाखों रुपये की लागत से शेयर खरीदने वालों को कड़ा झटका लगा है। जिले में बड़ी संख्या में लोग शेयर मार्केट का काम करते हैं। क्योंकि बैंक और डाकघरों में ब्याज दर न्यूनतम स्तर पर चल रही है। इस कारण लोगों को वहां पैसा रखने में कोई खास लाभ नहीं मिल पाता। बहुत से लोगों ने अपने मूल पैसा पर अच्छा लाभ सुविधा जनक तरीके से कमाने के लिए शेयर मार्केट को चुना है।
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शेयर मार्केट में बैंकिंग क्षेत्र व ब्लू चिप कंपनियों में लोग अपना पैसा लगाना मुनासिब समझते हैं। यही कारण है कि जिले के दर्जनों लोगों ने पीएनबी के शेयर खरीदे हुए थे। इनमें से बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने बच्चों की शादी, पढ़ाई के लिए काफी पहले शेयर खरीद लिए थे और अब चटकी के इंतजार में थे। अब 114 अरब के घोटाले के बाद उनके पैरों तले जमीन ही खिसक गई है। क्योंकि दो दिन पहले तक शेयर मार्केट में पीएनबी का एक शेयर 165 रुपये का था, जो अब महज 135 रुपये का रह गया है।
हापुड़ में 100 से अधिक लोग शेयरों का काम करते हैं। 114 अरब के घपले का खुलासा होनेे के बाद पीएनबी में निवेश करने वाले कुछ निवेशकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की शादी और पढ़ाई के लिए शेयर मार्केट में पैसा लगाया था। अब मार्केट में 20 फीसदी गिरावट से उनका लाखों रुपये डूब गया है।
पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा प्रबंधक से इस घोटाले का बैंक प्रभाव को लेकर बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं मिल सके। हालांकि बैंक में आम दिनों की तरह काम काज चल रहा था।
हापुड़ जिले के प्रमुख उद्यमी अशोक छारिया का कहना है कि पीएनबी में 114 अरब के घोटाले के लिए केन्द्र सरकार जिम्मेवार है। ऐसे में वित्त मंत्री अरुण जेटली को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह के घपले करने वाले अधिकारी निलंबित नहीं बल्कि बर्खास्त किए जाने चाहिए तथा उनकी संपत्तियों का पता लगाकर वसूली की जाए।
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आईआईए के अध्यक्ष सोनू चुग ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक में हुए घपले का खुलासा होने से बैंकों की विश्वसनीयता को बट्टा लगा है। आश्चर्य की बात है कि छोटे छोटे उद्यमी को ऋण देते समय बैंक तमाम दस्तावेज एवज में रखते हैं, लेकिन इतना बड़ा घोटाला अफसरों ने सहज कर लिया। ऐसे अफसरों को जेल में डालना चाहिए।
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