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जसरूपनगर के लोगों को धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के केमिकल युक्त जलभराव से मिलेगा छुटकारा

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नगर पालिका बनवाएगी 1.50 करोड़ रुपये से नाला
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सबहेड
- जसरूपनगर गांव में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी भरने से हो रही मौत का मामला

क्रासर
- जसरूपनगर के ग्रामीणों को मिलेगा केमिकल युक्त पानी से छुटकारा
- डीएम ने अवस्थापना निधि से 1.40 किलोमीटर नाले के निर्माण के दिए निर्देश
- आज एसडीएम, एचपीडीए, नगर पालिका के अधिकारी करेंगे गांव का निरीक्षण
हापुड़। जसरूपनगर में दूषित पानी से हो रही मौत के मामले में डीएम ने सख्त रुख अपना लिया है। अब यहां के ग्रामीणों को धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के केमिकल युक्त पानी से जल्द छुटकारा मिल जाएगा। डीएम के निर्देश पर नगर पालिका परिषद अवस्थापना निधि से करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से 1.40 किलोमीटर नाले का निर्माण कराएगी। शुक्रवार को एसडीएम, एचपीडीए, नगर पालिका के अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे।
दरअसल, जसरूपनगर गांव में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का केमिकल युक्त पानी से लोेगों की सेहत बिगड़ रही है। हाल ही में गांव के तीन लोगों की मौत भी दूषित पानी से पेट में संक्रमण के चलते हो चुकी है। फिलहाल 60 ग्रामीण पेट के संक्रमण से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी माना है कि ग्रामीणों की सेहत दूषित पानी पीने से बिगड़ रही है। इसलिए डीएम ने जसरूपनगर में केमिकल युक्त पानी के भराव से निजात के लिए निजात के लिए 1.40 किलोमीटर नाले के निर्माण का निर्देश दिया है। यह नाला नगर पालिका परिषद लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से कराएगी। हालांकि, नगर पालिका परिषद उक्त क्षेत्र को अपने कार्य क्षेत्र से बाहर बता रही है। लेकिन डीएम ने अवस्थापना निधि से नाले का निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। इस निधि से करीब एक से 1.50 करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण होगा।
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- आज एसडीएम समेत तीन विभागों के अधिकारी करेंगे निरीक्षण
डीएम के नाला निर्माण के निर्देश के बाद शुक्रवार को एसडीएम, एचपीडीए, नगर पालिका परिषद के अधिकारी मौका स्थल का निरीक्षण करेंगे। डीएम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

एचपीडीए का क्षेत्र में दो किलोमीटर नाला है निर्माणाधीन
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण इस क्षेत्र में लगभग दो किलोमीटर नाले का निर्माण कर चुका है। लेकिन किन्हीं कारणों से 1.40 किलोमीटर नाला निर्माण नहीं हो सका था। इसके चलते धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी जसरूपनगर में भर रहा था।

करीब 50 बीघे जमीन की सेहत बिगाड़ रहा था पानी-
जसरूपनगर में नाला निर्माण न होने के कारण धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का पानी करीब 50 बीघा जमीन की सेहत बिगाड़ रहा था। इससे न सिर्फ लोगों की जान पर खतरा बन रहा था। फसलों के लिए भी यह बेहद घातक साबित हो रहा था।
-डीएम के फैसले को ग्रामीणों ने सराहा-
दूषित पानी के कारण एक साल में करीब 25 लोगों की मौत हो चुकी है। डीएम के नाला के निर्माण के आदेश के बाद गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि डीएम ने हजारों ग्रामीणों को बेसमय मौत से बचाने का प्रयास किया है। ग्राम प्रधान पति विरेंद्र कुमार, राजपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने डीएम को बधाई दी है।
-डीएम का कथन-
जिलाधिकारी कृष्णा करुनेश का कहना है कि अवस्थापना निधि से नगर पालिका को 1.40 किलोमीटर नाला निर्माण के निर्देश दिए हैं। इस योजना से जसरूपनगर में जलभराव से राहत मिल जाएगी।
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फोटो फाइल संख्या 12एचपीआर पीएच-19

डीपीआरओ ने किया गांव का निरीक्षण
हापुड़।
डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को जसरूपनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम प्रधान पति विरेंद्र कुमार व राजपाल सिंह ने उनसे गांव के वाह्य छोर पर स्थित मार्ग को ऊंचा कर निर्माण की गुहार लगाई। डीपीआरओ ने जल्द राहत का आश्वासन दिया है। इस दौरान जल निगम की टीम ने नलों से पानी के नमूने भी लिए।
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