जिले के पांच मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि से हड़कंप
हापुड़। जिले में स्वाइन फ्लू ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संदिग्ध मरीजों की जांच में सरकारी लैब ने पांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की है। स्वास्थ्य अफसर मरीजों के स्वस्थ्य होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन सरकारी अस्पतालों में इस रोग से निजात पाने की व्यवस्था शून्य है। जांच के लिए भी मरीजों का सैंभल भी मेरठ या गाजियाबाद ही भेजना पड़ता है।
स्वाइन फ्लू एक वायरस संचारी रोग है, जो एक मरीज से दूसरे में तेजी से फैलता है। मेरठ में सैकड़ों की संख्या में स्वाइन फ्लू के मरीजों के मिलने के बाद अब हापुड़ में भी यह रोग सक्रिय हो गया है। आलम यह है कि दर्जनों मरीज यहां स्वाइन फ्लू से तड़प रहे हैं। लेकिन निजी चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग के डर से मरीजों में पुष्टि की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
संदिग्धता पर स्वास्थ्य अफसरों ने पांच मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। इनमें सरकारी लैब ने भीमनगर निवासी 11 वर्षीय वंश, बाबूगढ़ छावनी निवासी 53 वर्षीय ताराचंद, सिंभावली शुगर मिल निवासी 8 वर्षीय सुजल, कटीरा जफीराबाद निवासी 60 वर्षीय बाला देवी, हापुड़ निवासी 5 वर्षीय अनवी में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की है।
जिले के अस्पतालों में नहीं पर्याप्त संशाधन
स्वाइन फ्लू जमकर तांडव मचा रहा है, लेकिन जिले के अस्पतालों में फिलहाल पर्याप्त संशाधन उपलब्ध नहीं है। जांच के लिए मरीजों का सैंपल मेरठ या गाजियाबाद भेजा जाता है। इतना ही नहीं अस्पतालों में स्पेशल वार्ड भी नहीं बनाए जा सके हैं।
टैमी फ्लू दवा के सहारे रोग से निजात दिलाने का सपना
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पर्याप्त मात्रा में टैमी फ्लू होने का दावा कर, इस रोग से निजात पाने का दम भर रहे हैं। लेकिन जांच के अभाव में अफसर कितना सफल हो सकेंगे यह बड़ा सवाल है।
-स्वाइन फ्लू के लक्षण-
*तेज बुखार का बना रहना।
*सिर दर्द, नजला, जुकाम रहना।
*श्वांस लेने में समस्या होना, गले में दर्द रहना।
-बचाव के तरीके-
*भीड़ भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें।
*मुहं पर थ्री लेयर सर्जिकल मास्क लगाकर रहें।
*परेशानी होने पर कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह ने बताया कि पांच मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था है, दवा भी उपलब्ध है। स्वाइन फ्लू के मरीजों पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है।