हाइवे पर चक्का जाम करने पहुंचे किसान, पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूले
गढ़मुक्तेश्वर। बकाया गन्ना भुगतान और अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलित भाकियू सोमवार को सैकड़ों किसानों के साथ हाइवे पर चक्का जाम करने पहुंच गया। किसानों के हाइवे की ओर रुख करने की सूचना से जिले के पुलिस-प्रशासन के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन में जिले के आला अधिकारी मिल प्रबंधन के अधिकारियों के साथ हाइवे पर पहुंच गए। नेशनल हाइवे की ओर बढ़ रहे किसानों के काफिले को रोकने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। नाराज किसान अपनी और मिल प्रबंधन के अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए। मौके की नजाकत भांपकर अधिकारियों ने सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन किसानों को दिया। और मिल प्रबंधन ने बकाया भुगतान में से 12 करोड़ रुपये का चेक जारी कर सौंप दिया। आश्वासन के बाद किसानों ने हाइवे जाम का इरादा बदला। किसानों ने कहा कि जब तक सभी मांगे और बकाया भुगतान पूरा नहीं मिल जाता है तब तक मिल गेट पर धरना जारी रखा जाएगा।
बता दें कि सिंभावली और उससे जुड़ी ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर जनपद के किसानों का पिछले साल का करीब ढाई सौ करोड़ का पेमेंट अभी बाकी है, जिसके विरोध में मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में सिंभावली शुगर मिल गेट पर चल रहा भाकियू का बेमियादी धरना प्रदर्शन सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के बाद भी शुगर मिल प्रबंधन द्वारा बकाया पेमेंट की अदायगी न किए जाने के विरोध में भाकियू ने सोमवार को नेशनल हाइवे का चक्का जाम करने की घोषणा की थी, जिसके मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक अमला रविवार को सक्रिय हो गया था। सोमवार को सुबह होते ही भाकियू कार्यकर्ताओं समेत किसानों का धरना स्थल पर आगमन चालू हो गया था, जिससे निपटने को पुलिस प्रशासन भी अपनी तैयारियों में जुटा हुआ था। दोपहर होते ही सैकड़ों की भीड़ मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में हाइवे का चक्का जाम करने को चल दी, जिसे रोकने को पुलिस वालों ने रस्सियां बांधने के साथ ही जगह जगह बैरियर भी लगा दिए। जिससे गुस्साए भाकियू कार्यकर्ता और किसान पेमेंट अदा न कर रहे मिल प्रबंधन के अफसरों समेत खुद को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए।
भाकियू का अड़ियल रुख को देख मिल प्रबंधन को 12 करोड़ के चेक देने पड़े। भाकियू एसडीएम ज्योति राय और डीएसपी पवन कुमार शुगर मिल प्रबंधन से जुड़े आला अफसरों को साथ लेकर धरना स्थल पर पहुंच गए। जहां गुस्साए भाकियू कार्यकर्ता पिछले साल का पेमेंट चुकता होने तक मिल प्रबंधन से कोई भी वार्ता न करने की बात पर अड़ गए। लेकिन इसी दौरान शुगर मिल जीएम दिनेश शर्मा, गन्ना मैनेजर फकीर चंद, अमानुल्ला खां ने भाकियू के दबाव के चलते एसडीएम ज्योति राय, डीएसपी पवन कुमार, डीसीओ ओपी सिंह, समिति सचिव राजीव सेठ, इंस्पेक्टर एनके सिंह गढ़, दीक्षित त्यागी सिंभावली, मनु चौधरी बहादुरगढ़ की मौजूदगी में पिछले साल से जुड़े बकाया गन्ना मूल्य मद में छह-छह करोड़ के दो चेक सौंपने के साथ ही शेष पेमेंट की अदायगी के लिए बिजली निगम से 93 करोड़ का पेमेंट दिलाने के साथ ही चीनी बिक्री कोटा 50 टन से बढ़ाकर ढाई सौ टन कराने की मांग भी रखी। मौके पर मंौजूद पुलिस प्रशासन समेत गन्ना विभाग के अफसरों ने इन मांगों को पूरा कराने के लिए बहुत जल्द आला अफसरों से वार्ता करने का भरोसा दिया।
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बैंक से पेमेंट क्लीयर होने तक भाकियू का धरना प्रदर्शन रहेगा जारी
पिछले साल के बकाया पेमेंट के मद में छह-छह करोड़ के दो चेक देने के बाद भी भाकियू कार्यकर्ताओं समेत किसानों ने बेमियादी धरना समाप्त करने से साफ इंकार कर दिया। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, सचिव रामपाल चौहान, महासचिव दिनेश त्यागी, संगठन मंत्री हबीब, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य कुंवर सिंह, शब्बू चौधरी ने कहा कि जब तक शुगर मिल द्वारा दिए गए 12 करोड़ के चेकों का पेमेंट संबंधित बैंक से क्लीयर नहीं हो जाता है, तब तक मिल गेट पर चल रहा बेमियादी धरना जारी रहेगा। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली त्यागी, ममता शर्मा, बबलू चौधरी, अमरपाल, मायाराम, मोजपाल, मदहत मुखिया, संदीप, मोनू भटेल, अमानत अली, श्याम सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
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बंद चल रहे हाइवे के अधिकृत कट की जगह यूटर्न बनवाने का भरोसा दिया
बदरखा से जुड़े भाकियू कार्यकर्ताओं मुबारक खां, राहत, अली माशा अल्ला ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि उनके गांव के सामने नेशनल हाइवे के अधिकृत कट को अवैध ढंग में बंद किया हुआ है, जिससे ग्रामीणों को गांव आने जाने में लंबा फेर काटने के साथ ही हादसों का सामना भी करना पड़ रहा है। मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने हाइवे के अधिकृत कट को जनहित में अविलंब खुलवाने की मांग उठाई, जिस पर एसडीएम ज्योति राय और डीएसपी पवन कुमार ने सड़क हादसों की रोकथाम और ग्रामीणों की सुविधा के लिए अधिकृत कट की जगह एनएचएआई स्तर से बहुत जल्द यूटर्न बनवाए जाने का भरोसा दिया।
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