खुरपका-मुंहपका से तीन पशुओं की मौत
गढ़मुक्तेश्वर। गांव बहादुरगढ़ में खुरपका और मुंहपका बीमारी के चलते तीन पशुओं की मौत हो गई। वहीं गांव में दर्जनों पशु बीमार हैं, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग की टीम के गांव में न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है।
गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ निवासी किसान मोमी और कुंवरपाल की दो भैंस समेत राकेश का एक बैल कई दिनों से खुरपका और मुंहपका से ग्रस्त चल रहे थे, जिनका उपचार प्राईवेट चिकित्सक के कराया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सरकारी पशु चिकित्सक को भी सूचना दी गई, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची। इसके चलते रविवार की सुबह उपचार के दौरान तीनों किसानों के पशुओं की मौत हो गई। पशुओं की मौत से किसानों को हजारों रुपये की चपत लगी है। गांव में पशु चिकित्सा विभाग की टीम नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों पवन कुमार, गौरव, राजेंद्र, राजू, संजय, प्रेम सैनी, मनोज, इंद्रपाल, नेत्रपाल, राजकुमार, सौरभ, नंद किशोर का कहना है कि गांव में कई अन्य पशु भी खुरपका-मुंहपका बीमारी से ग्रस्त हैं, कई बार शिकायत के बावजूद भी पशु चिकित्सा विभाग ने गांव मे कैंप लगाकर पशुओं का टीकाकरण नहीं किया है। इसके चलते पशुओं की मौत होने लगी है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग से गांव में कैंप लगाकर टीकाकरण की मांग की है। वहीं बहादुरगढ़ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद कुमार गिल का कहना है कि किसानों ने पशु चिकित्सा विभाग को इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी, पशुओं का उपचार प्राईवेट चिकित्सक से कराया जा रहा था। सोमवार को गांव में कैंप लगाकर पशुओं की जांच और टीकाकरण कराया जाएगा।