मीरपुर कलां के गन्ना खरीद केंद्र पर
घटतौली, लिपिक को बंधक बनाया
हापुड़। गन्ने को मिल तक पहुंचाने की आपाधापी में लगे किसानों का तोल लिपिक जमकर फायदा उठा रहे हैं। इसी के तहत मीरपुर कलां गांव के गन्ना खरीद केंद्र पर शनिवार को 6 फीसदी घटतौली पकड़ में आई। इस पर ग्रामीणों ने लिपिक को बंधक बनाकर जोरदार हंगामा किया। सूचना पर पहुंची माप तोल विभाग की टीम के निरीक्षण में घटतौली की पुष्टि हुई है। दोषियों पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार गांव मीरपुर कलां में ब्रजनाथपुर शुगर मिल का गन्ना खरीद केंद्र है। केंद्रों पर गन्ने की खरीद न होने के कारण किसान पहले ही परेशान हैं। खेत में अभी भी करीब 30 फीसदी गन्ने की फसल खड़ी है, ऐसे में किसानों में खेत खाली करने की आपाधापी मची हुई है। इसी का फायदा तोल लिपिक उठा रहे हैं।
शनिवार को पूर्व ग्राम प्रधान निरंकार सिंह गन्ने की ट्रॉली लेकर केंद्र पर पहुंचे। तोल में गन्ने का वजन सिर्फ 40.75 क्विंटल निकला। शक होने पर धर्म कांटे पर तोल कराई तो वजन 42.30 क्विंटल निकला। इसके विरोध में ग्रामीणों ने क्रय केंद्र पर हंगामा शुरू कर दिया।
उसके बाद ग्रामीणों ने तोल लिपिक को बंधक बना लिया। सूचना पर गन्ना सचिव मनोज कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जांच कर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इस बीच माप तोल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, उनकी जांच में करीब 6 फीसदी घटतौली की पुष्टि हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि मिल प्रबंधक किसानों का शोषण करने से नहीं चूक रहे हैं। पर्चियां न मिलने के कारण वह पहले ही काफी परेशान हैं, ऐसे में घटतौली कर किसानों को आर्थिक तंगी में डाला जा रहा है।
जिला माप तोल निरीक्षक ज्ञान द्विवेदी ने बताया कि गन्ना क्रय केंद्र पर करीब 1.40 क्विंटल (6 फीसदी) की घटतौली मिली है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप ने बताया कि किसानों के साथ घटतौली आदि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सिंभावली चीनी मिल समूह के महाप्रबंधक गन्ना सुधीर कुमार का कहना है कि मिरपुर क्रय केंद्र पर कांटे में तकनीकी गड़बड़ी के कारण घटतौली का आरोप था। मिल से तकनीशियनों की टीम भेजकर कांटे को दुरुस्त करवाया गया और फिर भी से तोल चालू करा दी गई।
इस मौके पर रिपुदमन सिंह, रामपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भगत सिंह, अरूण सिंह, हरवीर सिंह, सतेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, सुनील आदि मौजूद रहे।