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पुराने घरों व गोदामों पर चलाया बुलडोजर, भड़के किसान

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पुराने घरों व गोदामों पर चलाया बुलडोजर, भड़के किसान
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हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की आनंद विहार योजना में गुरुवार को प्राधिकरण ने आनन फानन में पुराने घरों, गैस गोदाम और नलकूपों पर बुलडोजर चलावा दिया, जिससे वहां बवाल मच गया।

बाद में किसानों ने प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की मौजूदगी में उनके कार्यालय में काफी हंगामा किया। वार्ता के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जांच होने तक रोक दी गई है।
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प्राधिकरण सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव राहुल भटनागर ने पांच मई को एक शासनादेश में निर्देशित किया था कि किसी भी प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित भूमि पर अगर कहीं कब्जा है, तो उसे हटाया जाए।

बताया गया है कि इसी आदेश के पालन में गुरुवार दोपहर प्राधिकरण के प्रवर्तन अधिकारी/तहसीलदार अनिल कुमार सिंह, मुख्य अभियंता एपी सिंह, अधिशासी अभियंता एस के सागर, सहायक अभियंता एसपी सिंह आदि पुलिस बल की मदद से चार जेसीबी लेकर आनंद विहार कॉलोनी के डी, ई, जी व एफ ब्लाक में पहुंचे और आनन फानन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।

कुछ ही देर में 1994 से बने भारत गैस के गोदाम की चहारदीवारी, देशी शराब का ठेका, पिंटू त्यागी, राम कुमार त्यागी और मौ. यामीन का एक-एक नलकूप, किसान मंटू त्यागी का मकान और योगेश व सतेंद्र का सैकड़ों साल पुराना मकान भी ध्वस्त कर दिया गया, जिसमें उनका परिवार भी रहता था।

अभियान की सूचना मिलते ही मंटू त्यागी, ललित छावनी वाले, सुनील अग्रवाल, महेंद्र, भीम सैनी, अमित त्यागी, रहीसुद्दीन, देवराज आहूजा तारा सिंह ब्रजकिशोर त्यागी समेत बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।

किसानों की प्राधिकरण के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों से जमकर नोकझोंक हुई। गुस्साए लोगों ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुकवा दी। इसी बीच प्राधिकरण के अधिकारी वहां से जेसीबी लेकर खिसक लिए।

प्राधिकरण के कार्यालय में भी जमकर हंगामा
ध्वस्तीकरण से आक्रोशित किसान प्राधिकरण के कार्यालय पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। इसी बीच वहां भी प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुलिस बल बुला लिया, जिसको लेकर किसान और आक्रोशित हो गए।

मामला बढ़ता देख प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गया प्रसाद ने किसानों को ऊपरी मंजिल पर बने सभागार में वार्ता के लिए बुलवाया। इस पर काफी किसान वहां पहुंच गए , लेकिन वहां भी प्रारंभ में किसान भड़क गए।

दरअसल, किसानों का कहना था कि उन्होंने जब मुआवजा नहीं लिया तो उनके मकान और नलकूप कैसे ध्वस्त किए गए। इतना ही नहीं एक किसान मंटू त्यागी का आरोप था कि प्राधिकरण के अधिकारियों ने उसकी पत्नी के सामने उसके साथ अभद्रता की और गालियां दी जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं था। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी गाली-गलौच के आरोप को नकारते रहे।

किसानों की ओर से ललित छावनी वाले, सुनील अग्रवाल, बबलू, रवींद्र सिंह, निजाम, रूप किशोर त्यागी, जितेन्द्र सिंह बनी सिंह आदि किसानों का कहना था कि बिना किसी नोटिस के यह कार्रवाई की गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं किसानों ने यह भी ऐलान किया कि आनन्द विहार में विकास कार्य नहीं होने देंगे।

काफी देर तक चली बहस के बाद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गया प्रसाद ने आश्वासन दिया कि पहले प्राधिकरण के अधिकारी अवैध कब्जों की जांच कर अपनी भूमि चिह्नित करेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद किसान शांत हुए।

मुआवजा ले चुके हैं लोग
प्राधिकरण के तहसीलदार और प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार सिंह का दावा है कि जिन किसानों के कब्जे हटाए गए हैं, वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी 2016 में मुकदमे हार चुके हैं और अपनी अधिकांश भूमि का मुआवजा ले चुके हैं।

उदाहरण के लिए किसी किसान ने जमीन का मुआवजा ले लिया, लेकिन नलकूप का नहीं लिया। इस तरह के मामलों में कार्रवाई की गई है। उनका यह भी कहना था कि अधिग्रहित भूमि पर से कब्जा हटाने के लिए नोटिस की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह कार्रवाई प्राधिकरण अपनी जमीन पर कर रहा है।


प्राधिकरण के अधिकारियों ने एक्शन प्लान तैयार कर की थी कार्रवाई
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने गुरुवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई एक्शन प्लान तैयार कर की थी। इसी कारण कार्रवाई का किसानों को काफी देर से पता चला, तब तक अनेक स्थानों पर ध्वस्तीकरण हो चुका था।

प्राधिकरण के मुख्य अभियंता एपी सिंह ने देर शाम जारी प्रेस नोट में बताया है कि ध्वस्तीकरण का यह अभियान प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित भूमि को अवैध कब्जा मुक्त करने के लिए चलाया गया।

उन्होंने बताया कि आनंद विहार के एच ब्लाक में 8000 वर्ग मीटर व्यवसायिक भूमि, डी ब्लाक में 6000 वर्ग मीटर आवासीय भूमि, ई ब्लाक में अनाधिकृत रूप से बने एक नलकूप और 2000 वर्ग मीटर को कब्जा मुक्त कराया गया।
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जबकि एफ ब्लाक में दो नलकूप, ब्लाक जी में 4000 वर्ग मीटर भूमि से दीवार और सड़क संख्या 6 की भूमि से अनाधिकृत रूप से निर्मित शराब की दुकान हटायी गई व डी ब्लाक में एक अनाधिकृत रूप से निर्मित फैक्ट्री का 500 वर्ग मीटर कब्जा हटाया गया।

कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी की ओर से मजिस्ट्रेट के रूप में नामित केके सिंह तहसीलदार हापुड़ पुलिस बल के साथ मौजूद थे।

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