हापुड़। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित ऑटो व ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान शुरू हुआ। दो दिन में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने 104 ई-रिक्शा और ऑटो सीज किए हैं। जबकि, अब तक कागजों में ही रूट निर्धारित कर इनका संचालन हो रहा है।
जिले के उपसंभागीय कार्यालय में करीब 5400 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनके ऊपर करीब दो करोड़ रुपये का टैक्स भी बकाया है। इसके अलावा एक हजार से अधिक ई-रिक्शा बिना किसी पंजीकरण के अवैध रूप से चल रहे हैं। इन ई-रिक्शा को यातायात पुलिस ने किसी रूट का निर्धारण भी नहीं किया है। यही हाल अन्य जिलों का भी है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अवैध रूप से संचालित इन वाहनों पर कार्रवाई के आदेश दिए। जिले में करीब एक माह तक अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार से जिले में यह अभियान शुरू हुआ, जिसमें दो दिन में एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे, पीटीओ आशुतोष उपाध्याय और यातायात निरीक्षक छविराम ने 104 वाहनों को सीज और कुछ वाहनों के चालान काटे गए। यह कार्रवाई मेरठ रोड तिराहा, दिल्ली रोड, रामलीला मैदान के बाहर और तहसील चौपला पर की गई।
दोपहर में खाली हो गईं सड़कें
कार्रवाई के चलते दोपहर के समय सड़कें खाली हो गईं। इस कारण सड़क पर जाम भी नहीं लगा। यह वाहन हर दिन चौराहों पर यातायात पुलिस की शह पर बेतरतीब तरीके से खड़े होते हैं। इसके कारण हर दिन सड़क पर जाम भी लगता है। इस जाम के कारण लोगों का सड़क से गुजरना मुश्किल रहता है। कई बार व्यापारियों और आमजन की शिकायत के बाद जिले के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे थे।
बिना पंजीकरण के संचालित होना गंभीर प्रकरण
सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा उपसंभागीय कार्यालय में बिना पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं, जो एक गंभीर मामला है। पिछले दिनों जब शासन ने ई-रिक्शा के रूट निर्धारण को लेकर रिपोर्ट मांगी तो उसमें रूट निर्धारण होने की जानकारी भेज दी गई। जबकि, जिले में रूटों का कोई निर्धारण नहीं है।
कोट -
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभियान चल रहा है, जो अगले एक माह तक चलेगा। दो दिनों में 104 ई-रिक्शा और ऑटो पर कार्रवाई की गई है। ई-रिक्शा के संचालन के लिए रूट निर्धारण किया जा रहा है। निर्धारित रूटों पर ही इनका संचालन होगा।
- रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ प्रवर्तन