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एससी/एसटी अत्याचार निरोधक कानून के विरोध में घोषित बंद का आंसिक असर

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एससी/एसटी एक्ट के विरोध में घोषित बंद का आंशिक असर
हापुड़। एससी/एसटी एक्ट के विरोध में शहर में आंशिक बंद का असर दिखाई दिया। भारत बंद की घोषणा के बावजूद शहर के मुख्य बाजार तो खुले लेकिन कुछ दुकानें बंद रहीं। वहीं आवास विकास संजय विहार कालोनी के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जबकि सवर्ण बचाओ आंदोलन समिति व विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकत्र होकर नगर पालिका में जोरदार प्रदर्शन किया।
स्वर्ण जाति के लोगों के कुछ संगठनों द्वारा छह सितंबर को एससी/एसटी अत्याचार निरोधक कानून के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया था। जिसे लेकर प्रशासन सतर्क था। हालांकि हापुड़ में सुबह से ही इसका कोई असर नहीं दिखायी दिया। लेकिन आवास विकास संजय विहार के लोगों ने विरोध में बाजार बंद रखे। इस दौरान एसडीएम सत्यप्रकाश को ज्ञापन भी सौंपा गया।
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ज्ञापन में कहा गया कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। इससे स्वर्ण जाति के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इस एक्ट में संशोधन जरूरी है। दीपक चौहान ने बताया कि इस एक्ट के प्रावधान में बिना जांच के गिरफ्तारी को संशोधित कर इस एक्ट को बाहर निकाला जाये। इस मांग को लेकर व्यापारियों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। ज्ञापन देने वालों में संजय अग्रवाल, दिनेश ठाकुर, मनीष शर्मा, संजय त्यागी, दिनेश शर्मा, हरीश शर्मा, पंकज भास्कर, निर्देश कुमार, रणवीर सिंह यादव बंटी त्यागी आदि उपस्थित थे। युवा अंतराष्ट्रीय ब्राह्मण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत गौड़, एनएसयूआई के जिला प्रभारी विराज त्यागी, राष्ट्रीय त्यागी युवा महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री सुमित त्यागी, राष्ट्रीय सैनिक संस्था के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्यागी, जिला संयोजक शिवराज त्यागी, सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष संजय गहलौत, सभासद शशि मुंजाल के नेतृत्व में नगर पालिका में एक्ट के विरोध में दर्जनों लोगों जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, इसके बाद पुरानी कलक्ट्रेट में एसडीएम कार्यालय पर धरना दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देते हुए बताया कि भारतीय समाज को जातियों में बांटकर अलग-अलग कानून पारित कराए जा रहे हैं। जिससे की भारतीय समाज में असमानता की भावना पैदा हो रही है। इसलिए समाज को जातियों में न बांटते हुए समानता का कानून लागू कराने की मांग की जा रही है। जिससे की भारतीय समाज की सभी आर्थिक सामाजिक रुप से पिछड़े लोगों को समान न्याय, समान अधिकार प्राप्त हो सके। उधर, स्वर्ण बचाओ आंदोलन समिति द्वारा भी भारत बंद का समर्थन किया गया। संयोजक पंडित मनोज भारद्वाज ने कहा कि आज केंद्र सरकार और राज्य सरकारों में बैठे नेताओं ने सवर्ण विरोधी कानून के खिलाफ एक भी शब्द न बोलकर अपना समर्थन दे दिया है। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष राहुल शर्मा, कपिल शर्मा, दिनेश कौशिक, दीपक शर्मा, राजू शर्मा, ललित शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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दलित अधिवक्ताओं ने बंद का किया बहिष्कार-
बार एसोसिएशन के दलित अधिवक्ताओं ने गुरुवार को घोषित भारत बंद का बहिष्कार किया। इस संबंध में अधिवक्ता रामलाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक मेें अधिवक्ता अनिल आजाद ने कहा कि आज भी देश में दलितों पर अत्याचार व जुर्म हो रहे हैं। यही एससी एसटी एक्ट दलितों को सुरक्षा प्रदान करता है। हम इसका पुरजोर समर्थन करते हैं। आज भारत बंद की आड़ में एससी एसटी एक्ट का विरोध पूर्णतया फेल हो गया है। इससे स्पष्ट है कि आज भी समाज में जालिमों की संख्या कम और अच्छे लोगों की संख्या अधिक है।
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जयवेंद्र सिंह व सुशील आजाद ने कहा कि दलित समाज के अधिवक्ता हर प्रकार से समाज के साथ खड़े रहते हैं। बैठक में अधिवक्ता महेंद्र सिंह, सतवीर सिंह, देवेंद्र सागर, लाल सिंह आगौर, मुकेश कुमार, विनोद कुमार, दुलीचंद, सुशील आजाद, मनोज सागर, संदीप कुमार, ओमप्रकाश कर्दम, दीपक कुमार, संजीव कुमार, रघुवीर सिंह, विजयपाल सिंह, भूषण प्रसाद, सूरज सिंह, दिनेश कुमार, किरन, धर्मेंद्र सिंह उपस्थित थे।
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