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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में देरी से एनजीटी सख्त

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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सुस्त रफ्तार पर एनजीटी नाराज
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- काली नदी के पास बनने वाले ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए 25 अगस्त तक जमीन तलाशने के निर्देश
- 452 करोड़ रुपये की योजना के तहत शहर में रामपुर रोड पर शुरू हो चुका है ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य

अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। गंगा में गिर रहे शहर के दूषित को किसानों के लिए वरदान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) बनाने की कवायद शुरू कर दी है। नोएडा जल निगम ने रामपुर रोड पर भूमि चिन्हित कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। लेकिन काली नदी के पास चार हजार वर्ग मीटर में बनने वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अब तक जगह नहीं मिलने से एनजीटी सख्त नाराज है। एनजीट ने प्लांट के लिए 25 अगस्त तक हर हाल में भूमि तलाशने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार की अमृत योजना के तहत रामपुर रोड पर करीब 452 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस प्लांट में दिल्ली रोड, मेरठ रोड व बुलंदशहर रोड के नालों के पानी का शोधन किया जाएगा। इसकी क्षमता 40 एमएलडी (मिलियलन लीटर प्रति दिन) होगी। लेकिन शहर के गढ़ रोड, स्वर्ग आश्रम स्थित नाले का पानी गढ़ रोड स्थित काली नदी में गिर रहा है। इसके लिए भी सरकार ने काली नदी के पास 10 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के आदेश दिए थे। लेकिन अब तक नगर पालिका जल निगम को इसके लिए भूमि तलाश नहीं कर पाया है। इस मामले में हो रही देरी पर एनजीटी ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। जिसके बाद भूमि तलाशने के लिए 25 अगस्त तक का समय दिया गया है।
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ट्रीटमेंट प्लांट में देरी से नमामि गंगे प्राजेक्ट प्रभावित
दरअसल, शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य में देरी से नमामि गंगे प्रोजेक्ट भी प्रभावित हो रहा है। सरकार ने गंगा किनारे ओडीएफ करने, साफ सफाई करने सहित कई बड़े प्रोजेक्ट पर बड़ी धनराशि खर्च की है। ऐसे में एनजीटी नहीं चाहती कि इस प्रकार के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने में किसी प्रकार की ढिलाई बरती जाए।
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तीन जगह दिखाई जा चुकी है जमीन
इस प्लांट का निर्माण भी नोएडा जल निगम को करना है। नगर पालिका जल निगम के सहायक अभियंता अनवर ख्वाजा ने बताया कि कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को तीन स्थानों पर भूमि दिखायी जा चुकी है। जल्दी ही सही जगह का चयन कर लिया जाएगा।
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