फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूफ टाप सोलर प्लांट लगवाएं, 24 घंटे बिजली जलाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
रूफ टॉप सोलर प्लांट लगवाएं, 24 घंटे बिजली जलाएं
विज्ञापन

- छत या खाली जगह में प्लांट लगाने को होगा करार, आसपास भी सप्लाई होगी बिजली
- नेडा के माध्यम से कंपनी करेगी करार, पूरा होने पर प्लांट हो जाएगा मालिक का

अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़।
आप बिजली कट से परेशान हैं या फिर चाहते हैं कि आपको 24 घंटे बिजली मिले तो अपने यहां ग्रिड समायोजित सोलर पावर प्लांट लगवा कर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए आपको महज अपनी छत या कोई पर्याप्त जगह उपलब्ध करानी होगी। प्लांट शासन की चयनित की गई एक कंपनी लगाएगी। इस प्लांट से आसपास भी बिजली सप्लाई की जा सकेगी। नेडा के माध्यम से करार पर लगने वाला प्लांट करार का समय पूरा होने के बाद आपका हो जाएगा।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 2022 तक लक्षित 100 मेगावाट सोलर कनेक्टेड परियोजनाओं की स्थापना के अंतर्गत प्रदेश के लिए 4300 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य ग्रिड समायोजित सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। यूपी नेडा ने शासन के आदेश पर सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इससे बिजली उत्पादन ग्रिड संयोजित रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट नेट मीटरिंग प्रणाली पर आधारित होगा। प्लांट लगाने का काम एक कंपनी करेगी। प्लांट वहीं लगाए जाएंगे जहां छत या खाली जगह मिलेगी। प्लांट पर खर्च आने वाली राशि कंपनी खर्च करेगी। यहां पर तैयार बिजली की सप्लाई छत या जगह देने वाले के साथ आसपास भी सप्लाई होगी। प्लांट में बनने वाली बिजली की सप्लाई का काम पावर कारपोरेशन करेगा। इसके लिए अलग से मीटर लगाए जाएंगे।
विज्ञापन


इन्हें दी जाएगी तरजीह
ग्रिड समायोजित सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना में औद्योगिक क्षेत्र, अस्पताल, होटल, शिक्षण संस्थानों और बाजारों को तरजीह दी जाएगी। इसके लिए छत या फिर जगह देने वाले को आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने पर कंपनी सर्वे कर प्लांट लगाने का काम शुरू कर देगी। खर्च होने वाली बिजली का बिल प्लांट लगवाने वाले को भी भरना होगा। मगर, खास बात यह है कि करार पूरा होने पर प्लांट उसी का हो जाएगा।

बिल वसूलेेगी कंपनी --
प्लांट लगने के बाद आपके संस्थान और पड़ोस में वितरित बिजली के लिए मीटर लगाये जाएंगे। मीटर में आने वाली रीडिंग के हिसाब से उपभोक्ता से तब तक बिल वसूला जाएगा जब तक प्लांट की कीमत पूरी नहीं हो जाती। प्लांट की कीमत बिल के रूप में कंपनी को मिलने के बाद प्लांट को उपभोक्ता के हैंडओवर कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

इस संबंध में परियोजना निदेशक पीपी सिंह का कहना है कि बिजली की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए यह योजना कारगर साबित होगी। योजना के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
नितिन दीक्षित 30एचपीआर08

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें