हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय (प्रथम) की अदालत ने गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में अन्तर्गत वर्ष 2017 में हुए महिला से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा के साथ ही 16500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका पति ट्रक ड्राइवर है, जो काम के चलते अक्सर घर से बाहर रहते हैं। 24 मई 2017 को वह अपने घर पर अकेली थी, तभी उसके घर पर जिला मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के गांव राधना निवासी नदीम रात के समय घर पर आया। नदीम पहले भी कई बार उसके घर पर आ चुका था। आरोपी ने पीड़िता को अकेले देखकर दबोच लिया और उसके साथ जबरदस्ती करते हुए दुष्कर्म कर दिया। पीड़िता ने शोर मचाया तो आसपास के पड़ोसी जाग उठे। उनके मौके पर आने पर आरोपी फरार हो गया।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नदीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश /त्वरित न्यायालय (प्रथम) मिताली गोविंद राव ने निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त नदीम को 10 वर्ष का कारावास व 16,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में दोषी को एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना पड़ेगा।