हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव बक्सर में हर्ष फायरिंग के दौरान गोली लगने से 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई थी। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर शुक्रवार को निर्णय सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। आरोपी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
गांव बक्सर निवासी इंतजार ने सिंभावली कोतवाली में एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा कि 25 नवंबर 2019 को गांव के ही मुस्तेहसन की बरात जानी थी। जिसकी घुड़चढ़ी गांव में हो रही थी। बरात को देखने के लिए घरों की छत पर लोगों की काफी भीड़ थी। जिसमें उनकी पुत्री मुस्कान भी घर की छत पर खड़ी थी।
इसी दौरान शानू उर्फ शान मोहम्मद द्वारा हर्ष फायरिंग की गई। गोली मुस्कान की बांयी आंख के पास लगी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल मुस्कान को उपचार के लिए सिंभावली के अस्पताल में लेकर गए। जहां पर उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। मेरठ के एक अस्पताल में उनकी पुत्री मुस्कान ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने गैरइरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रही थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें उन्होंने मामले के आरोपी शानू उर्फ शान मोहम्मद को गैरइरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
अर्थदंड की आधी राशि मिलेगी पीडि़त परिवार को
जनपद न्यायाधीश ने दोषी पर एक लाख दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी आधी धनराशि राज्य सरकार व आधी धनराशि 55 हजार रुपये मृतका के परिवार को दिए जाने के आदेश किए है। इतना ही नहीं यदि दोषी द्वारा अर्थदंड की धनराशि जमा नहीं की जाती है तो उसे ढ़ाई वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
हर्ष फायरिंग के मामले में पहली सजा
मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से न्यायालय में मजबूत पैरवी की गई है। जिसके चलते ही न्यायालय ने मामले के आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। हर्ष फायरिंग के मामले में जनपद में यह पहली सजा हुई है।