हापुड़। गन्ना सहकारी समिति के चुनाव में धांधली के आरोपों को लेकर शुक्रवार को नवीन मंडी समिति पर जमकर हंगामा हुआ। श्यामपुर, उबारपुर सहित कई समितियों पर जांच के बाद बड़े स्तर पर नामांकन पत्रों को निरस्त करने का आरोप लगा। शाम को नवीन मंडी पर मौजूद समर्थकों की भीड़ जुट गई और हंगामा होने लगा। किसानों और भाकियू नेताओं की प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद किसान धरने पर बैठ गए।
भाजपा ने कुणाल चौधरी को हापुड़ समिति से चेयरमैन पद पर उतारा है। बृहस्पतिवार को चार लोगों ने खड़खड़ी की श्यामपुर समिति से नामांकन पत्र दाखिल किए थे। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच के बाद शाम को कुणाल चौधरी और नीरज कुमार का नामांकन पत्र ही वैध माना गया। इसकी सूचना गांव में फैली तो दूसरे गेट के तरुण चौधरी और धर्मेंद्र सिंह के समर्थक बड़ी संख्या में नवीन मंडी में पहुंच गए और हंगामा होने लगा। तरुण ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर उनका नामांकन निरस्त किया गया है। रात तक नामांकन पत्र वैध करने की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे रहे। रात करीब नौ बजे तक भी धरना जारी रहा और अन्य समितियों की सूची एक-एक कर चस्पा की गई।
नामांकन वापसी पर लगी नजर
30 सितंबर को नामांकन वापसी का समय रखा गया है। जिन समितियों में दो से अधिक के नाम रह गए हैं। वहां यदि नाम वापसी नहीं होते हैं तो फिर चुनाव होगा। ऐसे में गांव में राजनीति चरम सीमा पर है और नाम वापसी का दबाव एक-दूसरे पर बढ़ाया जा रहा है।
कोट -
नामांकन पत्राें की संबंधित अधिकारियों ने सही प्रकार से जांच करने के बाद ही सूची जारी है। 30 को नामांकन वापसी के बाद चुनाव को लेकर सही स्थिति का पता चल सकेगा।
- कुमार संजय, चुनाव अधिकारी, गन्ना सहकारी समिति चुनाव