पति ने मायके नहीं जाने दिया तो क्षुब्ध युवती ने खुद
पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसी युवती की मौके पर
ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। युवती के
भाई का आरोप है कि पति ने उसकी बहन को जिंदा जलाकर मार डाला। पुलिस मामले
की जांच कर रही है।
महोबा जनपद के करहरा खुर्द निवासी मर्दन सिंह
पुत्र कामता प्रसाद ने अपनी बेटी संतोषी (22) की शादी दो साल पहले राठ
कोतवाली के बरदा गांव निवासी नरेश पुत्र जगत सिंह के साथ की थी। बुधवार को
मर्दन सिंह का बेटा प्रदीप अपने रिश्तेदार दिनेश के साथ बहन संतोषी को
लिवाने बरदा गांव गया था।
संतोषी ने पति से मायके जाने की इजाजत
मांगी तो नरेश ने उसे भेजने से इनकार कर दिया। इस पर प्रदीप बिना बहन को
लिवाए वापस गांव लौट गया। बताया जाता है कि मायके न भेजे जाने से क्षुब्ध
संतोषी ने दिन में करीब दस बजे अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा
ली। संतोषी धू धू कर जलने लगी। ग्रामीणों ने युवती को जलते देखा तो हड़कंप
मच गया।
ग्रामीण आनन-फानन में आग बुझाने में जुट गए। जब तक
ग्रामीण आग बुझाते तब तक वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। कुछ देर बाद उसकी
सांसे थम गईं। ससुराल वाले उसे अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने जांच के
बाद मृत घोषित कर दिया। युवती के पिता मर्दन सिंह का आरोप है कि ससुराल
पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करते थे।
भाई
प्रदीप ने आरोप लगाया कि नरेश ने उसकी बहन के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल कर
आग लगाकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
कोतवाली इंचार्ज रामाश्रय यादव ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।