हमीरपुर। जिले में अभी तक हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ऐसे में जिला अस्पताल में आने वाले हार्ट रोगियों को दूसरे जिले में इलाज कराना पड़ रहा है।
जिला स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के सदस्य जलीस खान ने बताया कि जिले में एक जिला संयुक्त चिकित्सालय, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और करीब 35 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन कहीं भी हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है।
करीब 12 लाख की आबादी वाले जिले में दिल के रोगी अब भी कानपुर, लखनऊ व मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर है। इसको लेकर किसी ने एक बार भी प्रयास नहीं किया। जिला अस्पताल के ओपीडी में हर महीने 50-60 और इमरजेंसी में लगभग 400 हृदय संबंधी मरीज पहुंचते हैं। ठंड के मौसम में यह संख्या इमरजेंसी में ही 500 से ऊपर पहुंच जाती है। यही कारण है कि हर माह जिला अस्पताल से करीब 280 मरीज रेफर किए जा रहे हैं और एक से दो मरीज अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं।
जिले के ग्रामीण अंचलों से जिले तक की दूरी 20 से 80 किलोमीटर के बीच है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह दूरी और उपचार का खर्च दोनों चुनौतियां बने हुए हैं।