राठ (हमीरपुर)। राहगीरों को शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए कस्बे में लगे वाटर कूलर शोपीस बन गए हैं। एकमात्र सीएचसी का वाटर कूलर ही प्यास बुझा रहा है। पड़ाव चौराहे पर संस्था द्वारा लगवाया गया वाटर कूलर सही है पर अतिक्रमण की चपेट में होने से राहगीरों की प्यास बुझाने में नाकाम है।
नर नारायण सेवा समिति ने पड़ाव चौराहा रानी गेट पर पिछले वर्ष वाटर कूलर लगवाया था। यहां से प्रतिदिन करीब दो हजार लोग बाजार के लिए निकलते हैं। कुछ समय तक इस वाटर कूलर ने लोगों की प्यास बुझाई। इसके बाद हाथ ठेला वालों ने इसके सामने अपनी दुकानें सजा लीं। इस वजह से अब राहगीरों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
वहीं, कोतवाली में व्यापार मंडल ने अगस्त 2018 में वाटर कूलर लगवाया था, जो पानी ठंडा नहीं कर रहा है। तहसील में तत्कालीन डीएम संध्या तिवारी ने राइफल क्लब द्वारा वाटर कूलर लगवाया था। यह खारा पानी दे रहा है और पानी भी ठंडा नहीं कर रहा है। सीएचसी में दो वाटर कूलर हैं, इनमें एक वाटर कूलर गर्म पानी उगलता है।
वहीं, कस्बे के प्रमुख चौराहों पर वाटर कूलर का अभाव है। भीषण गर्मी में राहगीर पानी के पाउच खरीद कर अपना गला तर करते हैं। एसडीएम विपिन कुमार शिवहरे ने कहा कि राठ कस्बे में जो भी वाटर कूलर खराब पड़े हैं। उनकी जानकारी कर ठीक कराया जाएगा। जिसमें आमजन को शीतल पेयजल उपलब्ध हो सके।
गर्म पानी से गला तर करते हैं डिपो में यात्री
- रोडवेज डिपो में लगा वाटर कूलर करीब तीन साल पहले खराब होने पर हटा दिया गया था। डिपो प्रशासन ने टंकी रखकर सीधे पाइप लाइन से आपूर्ति कर दी है। दोपहर में तेज धूप के कारण टंकी का पानी खौलने लगता है। तब यात्री दुकानों से पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझाते हैं। जनपद में सबसे ज्यादा आमदनी वाला राठ डिपो यात्रियों की प्यास बुझाने में भी नाकाम साबित हो रहा है।
लोगों की बात
- महोबा निवासी मोती द्विवेदी ने बताया कि रोडवेज बस से उरई जा रहे हैं। राठ डिपो में बस खड़ी होने पर पानी की तलाश की। बताया डिपो में कहीं भी ठंडा पानी नहीं मिला। हैंडपंप दिखा वह भी खराब है। इसलिए पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझाई। सरसई गांव के विनोद राजपूत ने बताया बहन की शादी के कार्ड देने झांसी जा रहे हैं। रोडवेज डिपो में बस के इंतजार में बैठे थे और प्यास लगने पर पानी की तलाश की। डिपो में रखी टंकी से गर्म पानी आ रहा है। इसी तरह अन्य यात्री पानी के लिए भटक रहे थे।