-आजादी के 75 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित परसदवा डेरा वासी- बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या जस की तस, लोगों में भारी आक्रोश
मौदहा (हमीरपुर)। छानी-भुलसी मार्ग पर सड़क निर्माण शुरू न होने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्राम छानी के मजरा परसदवा डेरा के निवासी रामप्रकाश, चुन्नू यादव, गयादीन, धीरज, बदपाल, दनकू, बच्चू, अशर्फी, दिवाकर, संपत, मुन्नी, रेखा, रामदुलारी, राजेंद्र निषाद, अरुण निषाद, शिवगुलाम, छोटेलाल, मातादीन व समलिया ने बताया कि आज तक सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। बरसात के दिनों में उनका संपर्क मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है, जिससे विशेष परिस्थितियों में ट्रैक्टर, बैलगाड़ी या पैदल चलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
वर्तमान में छानी-भुलसी मार्ग पर कच्ची सड़क ही सबसे बड़ी बाधा है। पिछले दिनों बरसात में एक प्रसूता को बैलगाड़ी पर ले जाने और एक विकलांग बालिका को इलाज के लिए मां द्वारा पैदल ढोकर ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अधिकारियों ने बरसात के बाद सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था। हाल ही में, दर्जनों ग्रामीण जिला अधिकारी से मिले और सड़क निर्माण की मांग की, समय पर काम शुरू न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने पर, केशना निषाद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू किया है।ग्रामीणों का कहना है कि जब तक छानी-भुलसी मार्ग का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक क्रमिक अनशन और धरना जारी रहेगा। शासन-प्रशासन के प्रति उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है।
फोटो 05 एचएएमपी 19- छानी-भुलसी मार्ग के निर्माण को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद