गहरौली गांव की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर खाता धारकों को समझाते मैनेजर किशनलाल यादव।
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स्थानीय हलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में नई करेंसी का अभाव है। शुक्रवार सुबह आठ बजे से बैंक के बाहर लाइन में लगे ग्रामीणों ने हंगामा काटा और 50 मिनट तक बैंक खुलने नहीं दिया। मामले की सूचना थाना पुलिस को भी दी गई। लेकिन दोपहर तक पुलिस नहीं पहुंची। वहीं, गांव के गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप करने के बाद बैँक कर्मी अंदर जा सके।
बीते दस दिनों से स्थानीय बैंक शाखा में सिर्फ पुराने नोट ही जमा कराए जा रहे हैं। किसी तरह की नई करेंसी न तो चेंज की गई और न ही खाता धारकों के खाते से निकाली गई है। इस कारण आधा दर्जन गांवों के लोग खर्चे एवं खाद व बीज खरीदने के लिए परेशान हैं। सबसे अधिक खराब हालत शादी वाले परिवारों की है। गुरुवार को शाखा में करेंसी आने पर प्रति खाते से दो हजार की निकासी की गई।
जिससे महज एक सैकड़ा लोग ही धनराशि पा सके। शेष लाइन में लगे 250 लोगों के विड्राल फार्म सहित पासबुक जमा कर ली गई। प्रबंधक ने अगले दिन भुगतान करने की बात कही। रुपये जल्द पाने के लिए शुक्रवार सुबह से ही लंबी कतारें लग र्गइं। 9:45 बजे शाखा प्रबंधक के पहुंचने पर वहां मौजूद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा और शाखा का आधा घंटे तक ताला नहीं खोलने दिया। हंगामा सुनकर गांव के कुछ गणमान्य लोग पहुंचे और भीड़ को शांत कराया। तब कहीं जाकर 10:35 पर बैंक शाखा का ताला खुल सका। मामले की सूचना प्रबंधक ने थाना पुलिस को भी दी।
साथ ही बैंक के उच्चाधिकारियों को पर्याप्त धनराशि एवं स्टाफ भेजने की मांग की। शाखा प्रबंधक किशनलाल यादव ने कहा कि उन्हें सिर्फ दो लाख रुपये कैश मिल रहे हैं। ऐसे में अगर कोई शादी वाला ढाई लाख मांगे तो उसको कहां से नई करेंसी दें। बैंक से छह गांव जुडे़ हैं लेकिन जितना कैश मिल रहा पर्याप्त नहीं है।