बिवांर(हमीरपुर)। थाना क्षेत्र के कुनेहटा गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 11.30 बजे हाईटेंशन लाइन से कंटेनर में उतरे करंट की चपेट में आने से ग्रामीण की मौत हो गई।
इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगा लाइन ऊंची कराने व गांव में खुले तारों के बजाय केबल डलवाने की मांग की। अधिकारियों के समझाने पर पांच घंटे बाद जाम खुल सका।
बसवारी-मौदहा रोड से होकर जा रहा कंटेनर कुनेहटा गांव में हाईटेंशन लाइन से टच हो गया। सड़क क्रॉस कर रही हाईटेंशन लाइन के खंभों से बंधी कई लोगोंं की केबल टूट गई।
इसे देख वहां मौजूद गांव निवासी रामदास (52) ने अपनी केबल टूटने पर कंटेनर रुकवाने के लिए उस पर हाथ से ठोंका। इससे हाईटेंशन लाइन के करंट से वह झुलस गया और उसकी मौत हो गई।
कुछ ही देर में मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। लोगों ने कंटेनर को घेर लिया। लेकिन चालक व खलासी मौके से भाग निकले। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने झूलते खुले तारों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि रोड़ क्रॉस करने वाली हाईटेंशन लाइन को ऊंचा कराने के साथ तारों के बजाय केबल डलवाई जाए।
साथ ही गांव के अंदर भी केबल डलवाने की मांग की। मौदहा एसडीएम सुरेश चंद्र व थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार ने शनिवार दोपहर तक ग्रामीणों की बिजली संबंधी समस्याओं का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
इस पर पांच घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। वहीं शव को मौदहा सीएचसी से पोस्टमार्टम के लिए हमीरपुर भेजा गया। ग्रामीण अविवाहित था और अपनी मां व दिव्यांग भाई का सहारा था।
पहले भी हो चुकीं घटनाएं
ग्राम प्रधान रामराज ने बताया कि पूरे गांव में तार ढीले हैं ओर झूल रहे हैं। इनसे कई घटनाएं हो चुकी हैं और लोगों की मौत हो चुकी है। बताया गांव का सत्यम नाम का एक युवक बीते सात माह पहले एचटी लाइन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुका है।
वहीं एक साल पहले कल्लू वर्मा की भी छत के पास से निकली एचटी लाइन से मौत हो गई थी। आरोप लगाया कि कई बार उच्चधिकारियों से गांव में केबल डलवाने की मांग की गई।
टोल बचाने के लिए यहां से जाते भारी वाहन
कुन्हेटा निवासी विनय तिवारी ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से निकलने वाले हैवी वाहन टोल टैक्स बचाने के चक्कर में धनौरी गांव से राठ-हमीरपुर रोड़ पर उतर आते हैं और फिर बसवारी होते हुए कानपुर-सागर हाईवे के लिए इस लिंक रोड पर घुस जाते हैं। बताया रात में बिना रॉयल्टी गिट्टी और डस्ट लदे ट्रक भी यहां से तेज रफ्तार में फर्राटे भरते हैं। जिसने अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।