भरुआ सुमेरपुर। कस्बा में संचालित कान्हा गोशाला में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। 24 घंंटे के अंदर दो गोवंश की मौत हो गई।
एक सप्ताह के अंदर 400 गोवंश अचानक लापता हो गए। हैं। एक सप्ताह से भूसा न होने के कारण गोवंश के भूखे मरने का मामला पशुपालन विभाग ने उजागर किया तो नगर पंचायत अध्यक्ष बचाव में उतर आए। वह गोवंश के मरने का सारा ठीकरा पशुपालन विभाग पर फोड़ रहे हैं।
पशुपालन विभाग के मुताबिक कस्बे के कान्हा गोशाला के अभिलेखों में 670 गोवंश संरक्षित हैं, लेकिन एक सप्ताह में 400 से अधिक लापता हो गए। पशुपालन विभाग का आरोप है कि गोशाला में संरक्षित गोवंश को अध्यक्ष के इशारे पर प्रतिदिन बाहर निकाला जाता है जो नियम विरुद्ध है। विभाग के अनुसार 22 गोवंश दुधारू हैं। चेयरमैन के शागिर्द इन गोवंशों का दूध निकालकर बाजार में बेच रहे हैं।
चौकीदार का कहना है कि चेयरमैन के पिता दूध अपने घर ले जाते हैं, जिससे इनके बच्चे भूख से न तड़पे। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर सचान का कहना है कि कान्हा गोशाला में इस समय महज 250 गोवंश संरक्षित हैं। भूसा एक सप्ताह से गायब है। गोवंश भूख से मर रहे हैं।
गुरुवार रात जब ठेकेदार से वार्ता करके भूसा भेजने का दबाव बनाया। तब कहीं शुक्रवार को सुबह भूसा आ सका। वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष धीरेंद्र शिवहरे का आरोप है कि पशुपालन विभाग की लापरवाही से गोशाला में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। सूचना देने के बाद यह उपचार नहीं करने आते हैं। अन्य आरोपों पर वह कन्नी काटते हुए सारे आरोपों को निराधार बताया। कहा कि भूसा पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। चरवाहे गोवंश को चराने को भी ले जाते हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अरविंद सरोज ने बताया कि दो गोवंशों की मौत हुई है। एक दुर्घटना में घायल हुआ था, दूसरा बीमार था, दोनों का उपचार चल रहा था।