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Hamirpur News: काल बने हाईवे पर खड़े ट्रक, नहीं जाग रहा प्रशासन

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हमीरपुर। शहर का टूलेन कानपुर-सागर हाईवे खूनी हाईवे के नाम से जाना जाता है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के चलते लोग असमय मौत के गाल में समा रहे हैं। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन सजग नहीं हो रहा है।
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पिछले गुरुवार को बांदा जनपद में सड़क पर खड़े ट्रक पर बोलेरो घुसने से एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई थी। वहीं शुक्रवार सदर कोतवाली क्षेत्र में देर रात नेशनल हाईवे पर चंदौखी गांव के पास हाईवे किनारे खड़े ट्रक में ट्रक घुसने से ट्रक चालक प्रदीप की मौत हो गई थी।



पिछले छह माह में अब तक कुल 166 सड़क हादसों में 94 लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं। 70 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 35 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। जनवरी माह में 22, फरवरी में 21, मार्च में 36, अप्रैल में 23 व मई में 34 सड़क हादसे हुए हैं। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शुभम पटेल ने राठ रोड पर डंपिंग यार्ड बनाए जाने को लेकर कवायद की थी, लेकिन उनके जाते ही यह ठंडे बस्ते में मामला दबा दिया गया। कुछेछा पुलिस चौकी के सामने खनिज विभाग की ओर से पकड़े गए ट्रकों को हाईवे किनारे खड़ा करा दिया जाता है। मौरंग के ढेर भी सड़क किनारे खाली करा दिए जाते हैं। इनसे आए दिन हादसा होता है। वहीं, राठ मोड़ ब्लैक स्पाॅट की श्रेणी में आता है। यहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
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राठ तिराहा के दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए हाईवे पर चलने से डर लगता है। हाईवे पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।



वहीं कुछेछा निवासी अंकित कुमार ने बताया कि टूलेन हाईवे पर सिक्स लेन के वाहन गुजरते हैं। पुलिस चौकी से लेकर विकास भवन तक हाईवे किनारे ट्रक खड़े रहते हैं। सड़क किनारे मौरंग के ढेर भी हादसों को दावत दे रहे हैं।



अपर एसपी मायाराम वर्मा ने बताया कि एआरटीओ प्रशासन ट्रकों पर कार्यवाही करके चौकी के सामने सड़क पर खड़ा करा देते हैं। इसमें उनका कोई भूमिका नहीं हैं।







एआरटीओ प्रशासन आरपी सिंह ने कहा कि वाहनों के खड़ा हाेने की जगह अब तक नहीं मिल पाई है। तत्कालीन एसपी ने इसको लेकर पहल की थी लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ है।
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