वारदात के बाद मौके पर पुलिस अफसर
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भारतीय स्टेट बैंक से सोमवार को एक सेवानिवृत्त अध्यापक ने एक लाख रुपये निकाले। रुपये का झोला लेकर वह तहसील में एक वकील के बस्ते में बैठ गया। तभी उसके पीछे लगा टप्पेबाज उसका झोला उठाकर भाग निकला। रिटायर्ड अध्यापक के शोर मचाने पर कृषि विभाग के एक कर्मी ने टप्पेबाज को खदेड़कर पकड़ना चाहा। लेकिन वह रुपये से भरा बैग फेंक दीवार फांदकर भाग निकला।
कस्बे की बैंकों में अक्सर टप्पेबाज घूमते रहते हैं और मौका पाते ही वह हाथ साफ कर अपना काम कर देते हैं। इसी तरह की घटना सोमवार को कस्बे में हुई। क्षेत्र के उर्दना गांव निवासी एक सेवानिवृत्त अध्यापक राममनोहर कुशवाहा मौजूदा समय में अपनी ससुराल चकदहा में रह रहे हैं। उन्होंने सोमवार को एसबीआई से एक लाख रुपये निकाले।
दिन में करीब 12 बजे वह झोले में रुपयों की गड्डी रखकर तहसील आए और एक अधिवक्ता के बस्ते में जाकर बैठ गए। तभी उसके पीछे लगे टप्पेबाज उसका चेहरा दूसरी तरफ होते ही झोला लेकर भाग खड़े हुए। शिक्षक के शोर मचाने पर वकीलों व अन्य लोगों में हड़कंप मच गया।
शोर सुनकर टप्पेबाज को पकड़ने के लिए कृषि विभाग के अरविंद तिवारी दौड़े तो उन्हें अपनी तरफ आते देख टप्पेबाज झोला फेंक दीवार फांदकर भाग निकला। अरविंद ने थैला उठाकर सेवानिवृत्त टीचर को दे दिया। जब उसने झोले में पड़ी नोटों की गड्डियां देखी तो चेहरा खिल गया। जब उससे इसकी सूचना बैंक व कोतवाली में देने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि उसका पैसा मिल गया, अब उसे गांव जाना है।