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बुखार से तीन मौतें, एक को डेंगू लील गया

Tue, 13 Sep 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
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Dengue - फोटो : Amar ujala
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मौदहा के इचौली गांव में दो व भरुआसुमेरपुर में बुखार पीड़ित एक वृद्धा की मौत हो गई। हमीरपुर के मोहल्ला रमेड़ी निवासी डेंगू से पीड़ित लिपिक की पत्नी की कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। इनके अलावा तमाम लोग बुखार, जोड़ो के दर्द, टायफायड, मलेरिया आदि से पीड़ित हैं। साथ ही डेंगू के भी मरीज सामने आ रहे हैं। जिन्हें इलाज के लिए बाहर रेफर किया जा रहा है।  
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इचौली गांव में चिकनगुनिया बुखार से ज्यादातर लोग पीड़ित हैं। गांव के मैयादीन प्रजापति ने बताया कि उसकी पत्नी को चिकनगुनिया हो गया था, जिसे इलाज के लिए कानपुर ले गया। बताया कि गांव के गुलाब सिंह (55) पुत्र विजय बहादुर सिंह को तेज बुखार आया और वह गांव में इलाज के बाद ठीक नहीं हुआ, तो कस्बे के सरकारी अस्पताल गया।

वहां भी आराम न मिलने पर उसे कानपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। इसी प्रकार शनिवार को गांव के देवी सिंह के ढाई वर्षीय बेटे की बुखार से मौत हो गई। गांव में सरकारी अस्पताल तो हैं, मगर चिकित्सक नहीं है। इसलिए यहां के लोगों को बाहर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय सरकारी अस्पताल के अधीक्षक डा. अनिल कुमार सचान ने बताया कि इचौली क्षेत्र के मरीज यहां आ रहे हैं। जबकि अन्य क्षेत्रों से प्रतिदिन 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। जो संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हैं। सभी का समुचित इलाज किया जा रहा है।
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 भरुआसुमेरपुर प्रतिनिधि के अनुसार, रेलवे क्रासिंग के समीप रहने वाली सबीना खातून (70) पत्नी मरहूम पीरबख्स पिछले पांच दिनों से चिकनगुनिया बुखार से ग्रस्त थी। जिसका उपचार कस्बे में चल रहा था। मृतका के छोटे पुत्र सगीर खान ने बताया कि इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार भी हो रहा था लेकिन सुबह हालत अचानक बिगड़ी और मौत हो गई। अब तक ब्लाक क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या सात हो चुकी है। पूरे क्षेत्र में चिकनगुनिया के साथ डेंगू, मलेरिया कहर बरपा रहा है।

डेंगू से लिपिक की पत्नी की मौत  
हमीरपुर। लखनऊ के आलमबाग निवासी अमित बाजपेई मुख्यालय स्थित भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग में लिपिक के पद पर तैनात हैं। वह अपनी पत्नी लक्ष्मी (28) के साथ रमेड़ी मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। अमित ने बताया कि पांच दिन पूर्व उनकी पत्नी को बुखार आया, तो यहां के एक नर्सिग होम में भर्ती कराया।

चार दिनों तक इलाज चला। इस बीच चिकित्सक ने डेंगू होने की बात कहकर कानपुर ले जाने को कहा। जिस पर उसे कानपुर ले जा रहे थे। तभी घाटमपुर के निकट उसकी मौत हो गई। इस पर अमित अपनी पत्नी का शव लेकर लखनऊ चले गए हैं। इस मामले में जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने कहा कि डेंगू से महिला की मौत की जानकारी नहीं है। फागिंग के साथ डीडीटी दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
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