थाना राठ के चिल्ली गांव में सात वर्ष पूर्व प्रधानी के चुनाव की रंजिश में हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में शुक्रवार को अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश देवेंद्र कुमार गर्ग की अदालत में सुनवाई हुई। इसमें तीन हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता शैलेश स्वरूप चौरसिया ने बताया कि कोतवाली राठ के चिल्ली गांव में 11 नवंबर 2008 की शाम 5:30 बजे हनुमान राजपूत एक दुकान पर खड़ा था। तभी गांव के ही महिपाल, गुलाब और साबिर असलहे लेकर पहुंचे और हनुमान के साथ मारपीट करने लगे।
इस पर हनुमान ने शोर मचाया तो उसका भतीजा मुन्ना पुत्र वंशीधर, मुन्ना उर्फ नवल किशोर के अलावा पड़ोसी 12 वर्षीय कपिल पुत्र राजू राजपूत मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। ये देख हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में हनुमान बच निकला।
जबकि बालक कपिल समेत मुन्ना और नवल किशोर की गोली लगने से मौत हो गई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि हनुमान और महिपाल के बीच प्रधानी चुनाव को लेकर रंजिश चल रही थी। शुक्रवार को इस मुकदमे की सुनवाई के बाद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त महिपाल, गुलाब और साबिर को दोषी पाया। तीनों को उम्रकैद के साथ 32-32 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।