हमीरपुर/भरुआसुमेरपुर। कस्बे की एक मात्र गैस एजेंसी में बुधवार को गैस सिलिंडर न आने से लोग दिनभर गैस एजेंसी के चक्कर काटने को मजबूर रहे। मंगलवार 400 सिलिंडर आए और वितरण के बाद बचे करीब 50 सिलिंडर ही सुबह बंट गए। इसके बाद गैस न होने की बात कहकर ग्राहकों को लौटा दिया गया। वहीं, कॉमर्शियल सिलिंडरों में रोक लगा दी गई है। इससे होटल व रेस्तरां के कारोबारी डीजल व कोयला भट्टी खरीदने को मजबूर हैं।
जिले में लगभग 500 होटल हैं, यहां खाना बनाने के लिए कॉमर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग किया जाता है। जिले भर में कुल 1000 कॉमर्शियल कनेक्शन धारक हैं और करीब 2.46 लाख घरेलू कनेक्शन धारक हैं। इन होटलों को जिले की 20 गैस एजेंसियों से गैस की आपूर्ति होती है। अचानक सप्लाई बंद होने से होटल संचालकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि होटल और ढाबों में भोजन तैयार करने के लिए कॉमर्शियल सिलिंडर का ही सहारा है। दूसरी ओर जिले के सात विकास खंडों में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी भोजन पकाने के लिए इसी सिलिंडर का इस्तेमाल होता है। यदि सप्लाई रुकी तो छात्राओं के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
वहीं सुमेरपुर में गैस उपभोक्ता रामप्रकाश, बबलू, सुरेश कुमार, अशोक, प्रीतम आदि ने बताया कि गैस न मिलने से समस्या खड़ी हो गई है। इससे ग्राहक दिन भर परेशान रहे।
गैस एजेंसी संचालक मनोज कुमार पालीवाल ने बताया कि बुधवार को उन्नाव डिपो से गाड़ी नहीं प्राप्त हुई है। बृहस्पतिवार को आने की उम्मीद है। गाड़ी आने पर ही ग्राहकों को सिलिंडर प्राप्त होंगे। ओटीपी जनरेट होने के बाद ही सिलिंडर देने के निर्देश है। इसका कड़ाई के साथ अनुपालन किया जा रहा है।
अब फिर लकड़ी की भट्टी का सहारा
शहर के अकिल तिराहा स्थित दीक्षित स्वीट के संचालक कल्लू दीक्षित ने का कहना है कि उनका पूरा कारोबार कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पर निर्भर है। रोजाना तीन से चार सिलिंडरों की खपत है। होली के बाद से सप्लाई बंद होने पर उन्हें मजबूरन फिर से लकड़ी व डीजल की भट्टी का इंतजाम करना पड़ रहा है। कहा कि अब परंपरागत लकड़ी की भट्टी ही एकमात्र विकल्प बचता दिख रहा है।
जिलाधिकारी के सख्त निर्देश
सभी एसडीएम, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक के साथ निरंतर रूप से भ्रमण कर सुनिश्चित करें कि कहीं पर भी घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी न हो।
किसी भी गैस एजेंसी या सिलिंडर डिलीवरी मैन की ओर किसी भी उपभोक्ता से गैस की निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि न ली जाए।
कुछ जनसेवा केंद्रों पर भी घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति की जाती है, इन पर भी कड़ी नजर रखी जाए।
सोशल मीडिया या व्यक्तियों द्वारा घरेलू गैस सिलिंडर की कमी से संबंधित झूठा एवं भ्रामक दुष्प्रचार किए जाने की स्थिति पर इन पर कड़ी नजर रखी जाए।
सभी गैस एजेंसियों के बाहर सूचना का स्पष्ट रूप से बैनर आदि के माध्यम से प्रदर्शन सुनिश्चित कराया जाए कि घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक है और उपभोक्ताओं को मांगने पर नियमानुसार सिलिंडर की आपूर्ति की जाएगी।
वर्जन:
घरेलू गैस सिलिंडरों की नहीं कोई कमी
फिलहाल ऑयल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। सरकार से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। घरेलू सिलिंडरों की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
बीके शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी।
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1800-2333-555 (टोल फ्री)
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