हमीरपुर। शासन की ओर से गैर संचारी बीमारियों कैंसर (मुंख, गर्भाशय, ब्रेस्ट), डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक बीमारियों के इलाज के लिए खोले गए एनसीडी (नॉन कम्यूनिकेवल डिसीज) क्लीनिक गायब हैं। जिला अस्पताल में तलाश करने पर यह नजर नहीं आई। जिम्मेदारों को स्टाफ व लैब का पता नहीं है। ऐसे में एक दशक पूर्व शासन की ओर से चलाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।
करीब एक दशक पूर्व लोगों को गैर संचारी बीमारियों का अलग से उपचार देने के उद्देश्य से जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी स्तरों पर एनसीडी क्लीनिक बनाए गए थे। लोगों को उम्मीद लगी थी कि गैर संचारी बीमारी जैसे कैंसर , डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक बीमारी आदि रोगों का सही से उपचार मिल सकेगा। इसकी जांच के लिए सरकार की ओर से मशीनें भेजने का दावा किया गया था। वहीं अलग से स्टाफ की तैनाती भी की जानी थी। एपिडेमियोलॉजिस्ट, दो स्टाफ नर्स, दो लैब टेक्नीशियन, एक- एक काउंसलर व डाटा ऑपरेटर की तैनाती की गई थी। सोमवार को जिला अस्पताल में ढूंढने पर भी एनसीडी क्लीनिक नहीं मिले। वहीं, सीएमओ कार्यालय से जानकारी मिली की एक स्टाफ नर्स व एक लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। जो डायबिटीज व बीपी की जांच करते हैं। एपिडेमियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है।
सीनियर लैब टेक्नीशियन चंद्रकुमार ने बताया कि एनसीडी क्लीनिक में सिर्फ शुगर की जांच की जाती है। जून माह में 844 व जुलाई माह में 840 लोगों ने डायबिटीज की जांच कराई हैं। जिला अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक 125 नंबर कमरे में संचालित है। एपिडेमियोलॉजिस्ट नहीं है। पैथाेलॉजी लैब में दो लैब टेक्नीशियन मोनिस व भूपेंद्र एवं स्टाप नर्स कंचन प्रभा की तैनाती है। अलग से कोई लैब नहीं है।
- डॉ. एसपी गुप्ता, सीएमएस (पुरुष)
जिले के पुरुष जिला अस्पताल व समस्त नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों पर एनसीडी क्लीनिक संचालित हैं। यहां गैर संचारी बीमारी के रोगों की स्क्रीनिंग की जाती है। कैंसर, डायबिटीज आदि की जांच की जाती है।
- डॉ. गीतम सिंह, सीएमओ