सूखी पड़ी मौदहा बांध से संचालित सुमेरपुर नहर।
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विधानसभा चुनाव में लगे अभियंताओं ने किसानों को खासा निराश किया। नहरों का संचालन करने में कंजूसी किए जाने से किसान गेहूं की फसल में पानी नहीं लगा सके। इस मामले में किसानों की आवाज चुनाव ड्यूटी की बात कहकर दबा दी गई। इधर, चुनाव का काम समाप्त होने पर मौदहा बांध को किसानों की
याद आई है। सिंचाई निर्माण मंडल महोबा के अधीक्षण अभियंता ने मौदहा बांध से संचालित नहरों का रोस्टर जारी किया है।मौदहा बांध से तीन ब्रांचों को अलग-अलग रोस्टर से पानी दिया जाता है। इधर, विधानसभा चुनाव को लेकर सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी तो छोड़ा लेकिन इनकी क्षमता कम रही। ऐसे
में ब्रांचों के किनारे के किसानों ने तो पंप सेटों के जरिए गेहूं की फसल की सिंचाई कर ली। लेकिन इन ब्रांचों से निकली माइनरें सूखी ही रहीं। ऐसे में किसानों को गेहूं फसल में पानी नहीं मिल सका। जिससे फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है। अब सिंचाई निर्माण मंडल महोबा के अधीक्षण अभियंता
ने मौदहा बांध निर्माणखंड के अधिशाषी अभियंता को पत्र जारी किया है। जिसमें 25 से 28 तक छानी ब्रांच को पूरी क्षमता से चलाने को कहा है। वहीं एक से चार मार्च तक रागौल रजवाहा और पांच से नौ मार्च तक सुमेरपुर ब्रांच में फुलगेज से पानी छोड़कर किसानों को पानी मुहैया कराने क ो कहा है।