फोटो08एचएएमपी 30- आठ मार्च के अंक में प्रकाशित खबर का पीडीएफ।
हमीरपुर। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के 10 दिवसीय कौशल वृद्धि एवं उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्याप्त अव्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया गया। प्रशिक्षुओं को समय पर चाय-नाश्ता के साथ मिनरल वाटर दिया गया। यह तब हुआ जब अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रशिक्षुओं की बात को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
शहर के मेरापुर सड़क पर जेके पैलेस में उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कौशल वृद्धि एवं उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यहां पर प्रशिक्षण कराने वाली संस्था की मनमानी से प्रशिक्षुओं को सरकार की मंशा के मुताबिक सुविधाएं नहीं मिल रही थी। न तो उन्हें चाय-नाश्ता दिया जा रहा था और न ही सिलाई के लिए जरूरत भर का कपड़ा मुहैया कराया जा रहा था। परेशान प्रशिक्षुओं की समस्या को अमर उजाला ने रविवार के अंक में चाय-नाश्ता तो दूर प्रशिक्षण में सामग्री तक नहीं मिली शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद जिम्मेदार हरकत में आए। सुबह कक्षा चालू होने के बाद प्रशिक्षुओं को चाय-नाश्ता का बंदोबस्त किया गया। सिलाई के लिए कपड़ा दिया तो महिलाओं ने भी सिलाई में हाथ आजमाए। प्रशिक्षकों ने जरूरी जानकारी दी। सभी कक्षाओं में जिम्मेदार बैठे नजर आए।
बदला-बदला दिखा कक्षा का माहौल
बांकी गांव निवासी रन्नो ने कहा कि 26 फरवरी से प्रशिक्षण लेने आ रही है, शनिवार तक चाय नहीं मिल रही थी। रविवार को व्यवस्थाएं चाकचौबंद रहीं। मुझे और अन्य प्रशिक्षुओं को 12 बजे के पहले ही चाय मिल गई। इतना ही नहीं सिलाई के लिए कपड़ा भी मिला। कपड़ा मिलने पर सिलाई का अवसर मिला तो एक झोला भी तैयार किया।
भोजन तो अच्छा मिला, लेकिन चार बजे
बांकी गांव निवासी मालती ने कहा कि प्रशिक्षण में भोजन अच्छा मिल रहा। हर रोज सब्जी बदलकर दी गई लेकिन समय चार बजे का रहा। जो रुका वह भोजन करके गया। जल्दी वाले जरूर बगैर भोजन किए जाते दिखाई दिए। आज पहली बार चाय मिली है। इसके पहले चाय के लिए किसी ने नहीं पूछा।
फोटो08एचएएमपी 30- आठ मार्च के अंक में प्रकाशित खबर का पीडीएफ।