शहर के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के कैशियर की मनमानी के चलते कई ग्राहक प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। वन विभाग का एक चपरासी अपने ही खाते से धन नहीं निकाल पा रहा है। जिससे उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। चपरासी ने आरोप लगाया कि हर बार कैशियर डांट डपट कर हस्ताक्षर न मिलने की बात कहकर भगा देता है। परेशान बीमार कर्मचारी ने डीएफओ व रेंजर को इसकी जानकारी देकर समाधान कराने की मांग की।
मुख्यालय स्थित वन विभाग कार्यालय में कार्यरत चौकीदार रामदयाल निवासी अहिरनपुरवा ने बताया कि 15 दिन पूर्व अचानक ड्यूटी के दौरान चक्कर आने पर बेहोश हो गया। इसके बाद से वह लगातार अस्पताल से इलाज करा रहा है। इलाज के लिए खाते से धन न मिलने से उसका इलाज नहीं हो पा रहा है।
आरोप लगाया कि बैंक कैशियर हर बार उसका बाउचर देखकर डांटकर भगा देता है। वह चलने फिरने में लाचार है। परिजनों की मदद से बैंक शाखा पहुंचता है तो उसे कैशियर भगा देता है। शुक्रवार को बीमार चौकीदार ने डीएफओ कैलाश प्रकाश व रेंजर नफीस से शिकायत की।
इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी बैंक में चौकीदार को लाकर मैनेजर से शिकायत की। मैनेजर महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि खाताधारक ने उनसे इसकी जानकारी नहीं दी। कैशियर के व्यवहार की जांच कराई जाएगी। कुछ हस्ताक्षर मेल न खाने से शायद भुगतान न हुआ होगा। अब अंगूठा हस्ताक्षर कराकर भुगतान करा दिया जाएगा।