- जिले में करीब 700 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त, प्रशासन की रिपोर्ट में अब तक 329
- आंशिक गिरे 119 मकानों के स्वामी को 4.76 लाख रुपये की राहत
फोटो07एचएएमपी-24 करहिया गांव में गिरा कच्चा मकान। संवाद
फोटो07एचएएमपी-25 मुस्कार में जलमग्न धान की फसल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में पिछले करीब एक माह से लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और खरीफ की फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। बारिश के चलते करीब 700 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें कई मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। खेतों में पानी भरने से तिल, उड़द, मूंग, मूंगफली समेत खरीफ की फसलों को भी नुकसान हुआ है। मकान गिरने से प्रभावित परिवार और फसल बर्बादी झेल रहे किसान अब शासन से मिलने वाली राहत और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
पिछले एक माह में जिले में औसतन 710.66 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। अगस्त में राठ तहसील क्षेत्र में 1290 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव हुआ। खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिले में करीब सवा दो लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई की गई है। इनमें करीब सवा लाख हेक्टेयर में दलहनी और तिलहनी फसलें बोई गई हैं। लगातार बारिश से तिल, उड़द, मूंग और मूंगफली की फसलों को नुकसान हुआ है। कई गांवों में खेतों में पानी भरा होने से फसलें खराब हो रही हैं। फसल क्षति का वास्तविक आंकड़ा सर्वे पूरा होने के बाद स्पष्ट होगा।
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119 परिवारों को मिली 4.76 लाख रुपये की राहत
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार ने बताया कि अतिवृष्टि से मकान क्षति के मामलों में अब तक 119 प्रभावित परिवारों को कुल 4.76 लाख रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर तहसील में 27 लाभार्थियों को 1.08 लाख, मौदहा में 52 लाभार्थियों को 2.08 लाख, राठ में 18 लाभार्थियों को 72 हजार और सरीला में 22 लाभार्थियों को 88 हजार रुपये की राहत सहायता दी गई है। एडीएम ने बताया कि मकान क्षति के प्राप्त प्रकरणों का सत्यापन और परीक्षण कराया जा रहा है। पात्र प्रभावित परिवारों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
फसल नुकसान का हो रहा सर्वे
अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर रही हैं। टीमें स्थलीय निरीक्षण कर फसल क्षति का आकलन कर रही हैं। सर्वे रिपोर्ट के बाद पात्र किसानों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार कृषि निवेश अनुदान दिया जाएगा।
सताने लगी रबी फसल की चिंता
मुस्करा। कस्बा निवासी किसान रामविशाल, दशरथ प्रसाद, केशव द्विवेदी, अनूप दीक्षित, हरिश्चंद्र राजपूत, रमेश कुमार, रामपाल राजपूत, अभिषेक कुमार आदि ने अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा जल्द दिलाए जाने की मांग की हैं। कस्बा निवासी किसान अनिल तिवारी ने बताया कि उनके पास मात्र तीन बीघा भूमि है। इसमें तिल की फसल बोई थी, जो लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से सड़ने लगी है। इसी फसल के भरोसे आगे की फसल का खर्चा निकलता है। अब रबी फसल बोने के लिए पैसे का इंतजाम कैसे होगा। यही चिंता सताए जा रही है।
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बारिश से बर्बाद फसलों का सर्वे शुरू
पौथिया। प्रशासन ने राजस्व टीम गठित कर फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को क्षेत्र में लेखपाल शागुफता परवीन, बीमा कंपनी के धर्मेंद्र और कृषि विभाग के अरविंद ने बारिश से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कार्य किया। किसान धर्मेंद्र, पुरषोत्तम, जगदीश सचान सहित अन्य किसानों ने मौके पर जाकर फसलों का सर्वे कराया। (संवाद)
वर्जन
डीएम अभिषेक गोयल ने बताया कि हमीरपुर में इस वर्ष अब तक हुई बारिश दीर्घकालिक औसत से थोड़ी अधिक है। जहां भी जलभराव हुआ है, वहां प्रशासन मौजूद है और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जा रही है। फसल या मकान को नुकसान हुआ है तो उसका सर्वे कराया जा रहा है। सभी पात्र प्रभावितों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
फोटो07एचएएमपी-24 करहिया गांव में गिरा कच्चा मकान। संवाद