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विशिष्ट मंडी जाने वाली सड़क मिली ध्वस्त

Sun, 26 Jun 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
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नीलामी चबूतरा देखते टीम के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड विशेष पैकेज से कराए गए विकास कार्यों का सच जानने के लिए प्रदेश की राज्य नियोजन टीम ने खंडविकास, वन विभाग के  कार्यालय के अभिलेख खंगालने के बाद स्थलीय निरीक्षण किया। धनपुरा छानी स्थित विशिष्ट मंडी को जाने वाली सड़क ध्वस्त मिली और बिदोखर मंडी का जनरेटर न देख नाराजगी जताई।
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बीते वर्षों में बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत कराए गए कार्यों का सच जानने के लिए पिछले दो दिन से प्रदेश सरकार द्वारा गठित राज्य नियोजन की टीम शनिवार को कस्बा पहुंची। ज्वाइंट डायरेक्टर नियोजन अनिल कुमार की अगुवाई में टीम ने सबसे पहले वनरेंज कार्यालय जाकर अभिलेखों का निरीक्षण किया।

फिर देवगांव जाकर पौधरोपण का निरीक्षण किया तो लगाए गए वृक्षों के सापेक्ष बहुत कम वृक्ष मिले। फिर खंडविकास कार्यालय में बुंदेलखंड पैकेज से संबधित अभिलेख मांगे। मगर बीडीओ न होने के कारण अभिलेख नहीं मिले। तब टीम ने नाराजगी जाहिर कर कार्रवाई के लिए कहा। उसके बाद टीम बिदोखर में बनी मंडी अवस्थापना केंद्र देखने पहुंची।
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जहां कई खामियां मिलीं। उन्होंने मंडी में विद्युत कनेक्शन नहीं मिला। साथ ही जनरेटर होने के बावजूद स्थानांतरित न किए जाने व मंडी सचिव देवकुमार पोरवाल की गैरहाजिर होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मंडी परिषद के अधिकारियों से पूछा कि मंडी बनने से कितने गांव के किसानों को लाभ मिलेगा। इसकी भी जानकारी अधिकारी नहीं दे सके।

इसके बाद बिदोखर गांव में मौदहा बांध से निकली सुमेरपुर ब्रांच नहर में कराए गए कार्य देखकर असंतोष जताया। गौरतलब हो कि पैकेज से विकासखंड क्षेत्र में चार अवस्थापना केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें मुडेरा, टेढ़ा, पौथिया व बिदोखर शामिल हैं। जबकि धनपुरा की विशिष्ट मंडी में करीब सौ करोड़ खर्च किया गया है।

नेतृत्व कर रहे अनिल कुमार ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। जिसमें स्थलीय रिपोर्ट की हकीकत होगी। उन्होंने अच्छाई व कमी बताने से इंकार कर दिया। छानी प्रतिनिधि के अनुसार राज्य नियोजन टीम ने शनिवार की दोपहर धनपुरा छानी के पास बुंदेलखंड पैकेज से बन रही विशिष्ट मंडी का निरीक्षण कर अभिलेख खंगाले।

अनिल कुमार सविता सयुक्त निदेशक उप्र नियोजन विभाग व विवेक सिंह ने सर्व प्रथम प्रोजेक्ट रिपोर्ट का अवलोकन किया। मौके पर उपस्थित उपनिदेशक मंडी परिषद उरई के सुरेश गोयल ने बताया कि इस मंडी का निर्माण 14 मार्च 2013 से शुरू हुआ था और कार्य समाप्ति 30 सितंबर 2016 है। अभी तक करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

यह मंडी सौ एकड़ जमीन पर बन रही है इसकी कुल लागत 54.41 करोड़ है। निर्माण कार्य सांई इंफ्रा व श्रीपति इंफ्रा कर रही हैं। आगामी तीन माह में कार्य को पूरा करा लिया जाएगा। खस्ताहाल सड़क के संदर्भ में पूछने पर उन्होंने कहा कि फिर से बनाई जाएगी।
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