हमीरपुर। एक जैसे नाम की गलतफहमी में दूसरे को गिरफ्तार करने वाली पुलिस आरोपों के घेरे में है। युवक ने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया है। हालांकि अभी तक पुलिस को कार्रवाई के लिए कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है। वहीं मामले की जांच कर रहे अपर पुलिस अधीक्षक ने वहां लगे सीसीटीवी फुटेज निकलवाए हैं।
पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद वर्मा को सौंपी है। रविवार को जांच अधिकारी ने कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकलवाए है। जांच अधिकारी का कहना है कि अभी तक कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। शिवराज नाम के वारंटी को पुलिस पकड़ने गई थी, एक ही नाम पता होने की वजह से गलतफहमी हुई है। वारंट में पिता का नाम नहीं था। वेरिफिकेशन में क्लियर हुआ। इस दौरान युवक एग्रेसिव हो गया और हाथ पैर मारने लगा। पुलिस ने इसको कंट्रोल किया है।
वहीं पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस की पिटाई का आरोप लगा रहे युवक ने वर्ष 2025 में भी ऐसे ही उपद्रव किया था। बताया जा रहा है कि उस समय का तस्करा डला है जिसमें इसके परिजनों ने मानसिक इलाज की बात कही थी।