संघ के संरक्षक पर कथित रूप से फर्जी मुकदमा दर्ज करने से आक्रोशित पल्लेदारों ने पल्लेदार संघ की अगुवाई में काम बंद कर धरना प्रदर्शन किया। पल्लेदारों ने मुकदमा वापस लेने की मांग की। तहसीलदार के पहुंचने पर पल्लेदारों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जमकर नारेबाजी की। आश्वासन मिलने पर शाम को पल्लेदार काम पर लौट आए।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले बुधौलियाना मोहल्ला निवासी बीरेंद्र सोनी ने पल्लेदार संघ के संरक्षक उमेश यादव व उनके छोटे भाई सभासद व जिला योजना समिति के सदस्य अखिलेश यादव पर गाली गलौज, मारपीट करने व धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को जैसे ही गल्ला मंडी खुली पल्लेदारों ने फर्जी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कहते हुए काम बंद कर दिया। मंडी में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पल्लेदार संघ के अध्यक्ष भागवत अहिरवार ने कहा कि संरक्षक के ऊपर जो मुकदमा दर्ज कराया गया है वह पूरी तरह से फर्जी है। आरोपी ने पुलिस से सांठगांठ कर मुकदमा दर्ज कराया है।
पल्लेदारों ने पुलिस प्रशासन से मुकदमे की न्यायिक जांच कराने की मांग की। कहा कि मुकदमा वापस न होने पर पल्लेदार संघ सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन को बाध्य होगा। पल्लेदारों ने तहसीलदार परशुराम पटेल को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार के समझाने पर पल्लेदारों ने शाम को काम शुरू कर दिया। ज्ञापन के दौरान उपाध्यक्ष बाबूलाल अनुरागी, बालमुकुंद साहू, अहमद बेग, रहमत बेग, मनोज कुमार, भवानीदीन बापू, रामफल, लाखनलाल, कृपाल, दिलीप कुमार, इकबाल, मनमोहन, तेजराम, इंद्रकुमार, धर्मेंद्र, बीरपाल, छत्रपाल सिंह यादव, गिरीश किशोर, बारेलाल, रामकिशोर, भरत कुमार आदि पल्लेदार रहे।